Sunday, March 29, 2026

Cyber अपराधी ने  FAKE ID बनाकर की लाखों की ठगी…

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पश्चिम चंपारण जिले में साइबर अपराधी अधिकारियों की तस्वीरें इस्तेमाल करके लोगों को ठग रहे हैं। जिलाधिकारी समेत कई बड़े अधिकारियों के नाम पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से पैसे ऐंठे गए हैं। साइबर थाना खुलने के बाद भी अपराध पर नियंत्रण नहीं लग सका है। पुलिस लोगों को जागरूक करने का अभियान चला रही है और पीड़ितों को तत्काल शिकायत दर्ज कराने की सलाह दे रही है।

बेतिया। जिले में साइबर अपराधी बड़े अधिकारियों की तस्वीर और प्रोफाइल का इस्तेमाल कर ठगी कर रहे हैं। इसी माह जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार की फेसबुक पर फेक आइडी बना पूर्व जिला परिषद राजेश कुमार गौतम की पत्नी रीना देवी से 20 हजार रुपये ठग लिए गए।

डीआइजी हर किशोर राय की फेक आइडी से भी ठगने की कोशिश की गई थी। कुछ माह पहले बेतिया के पूर्व एसडीएम विद्यानाथ पासवान की फेक आइडी से भी एक व्यक्ति से 80 हजार रुपये ठग लिए गए थे। बेतिया के पूर्व एसपी निशांत तिवारी की फेक आइडी का भी इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया था।

इन घटनाओं से स्पष्ट है कि साइबर अपराधियों में किसी का खौफ नहीं है। वे अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में डालकर उनकी मेहनत की कमाई पलभर में गायब कर रहे हैं। साइबर अपराधियों पर नकेल कसने में पुलिस बैक फुट पर नजर आ रही है।

वर्ष 2023 में खुला साइबर थाना

अपराध पर लगाम लगाने के उद्देश्य से नौ जून 2023 को बेतिया में साइबर थाना खोला गया। साइबर थाना खुलने के बाद इस तरह के अपराध की जांच में थोड़ी तेजी आई है, लेकिन साइबर अपराध पर नियंत्रण नहीं लग सका। विगत जून माह में साइबर अपराधियों ने जिले में 101 लोगों को ठगी का शिकार बनाया।

ठगी के शिकार बने लोगों ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इनमें से आठ मामले साइबर थाना में दर्ज किए गए। जून माह में 15,72,368 रुपये होल्ड किए गए हैं। 2,27,265 रुपये पीड़ितों के खाते में वापस कराए गए। जबकि जून में आठ मामलों का निष्पादन किया गया है।

साइबर अपराधियों के ठगी का तरीका भी बदल गया है। ओटीपी नंबर पूछकर बैंक अकाउंट खाली करने का तरीका पुराना हो गया है। अपराधी रोज नए तरीके इजाद कर रहे हैं। सतर्कता और सावधानी बरतकर ही साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है।

ठगी के शिकार होने पर तुरंत करें शिकायत

साइबर थाने के डीएसपी गौतम शरण ओमी ने कहा कि साइबर फ्रॉड के शिकार होने पर तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, केस सुलझाने में उतनी ही आसानी होती है। वित्तीय धोखाधड़ी होने पर अभिलंब 1930 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या ई-मेल पर भी शिकायत की जा सकती है। शिकायत दर्ज कराने का यह सबसे आसान और कारगर तरीका है।

साइबर ठगी के मामले में पुलिस तत्परता से काम कर रही है। साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।           – गौतम शरण ओमी, वरीय पुलिस उपाधीक्षक, साइबर थाना, बेतिया।

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