Saturday, March 14, 2026

CMA के दबाव में Apple और Google ने UK में ऐप रिव्यू, रैंकिंग और डेटा नियम पारदर्शी बनाने का फैसला किया.

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 ब्रिटेन में ऐप मार्केट को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है. यनाइटेड किंग्डम की प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था कॉम्पिटिशन एंड मार्केट्स अथॉरिटी यानी CMA ने टेक कंपनियों- Apple और Google से उनके ऐप स्टोर सिस्टम में अहम बदलाव करने को कहा है. सीएमए का मानना है कि दोनों कंपनियों का मोबाइल ऐप मार्केट पर मजबूत कंट्रोल है, जिससे दूसरे ऐप डेवलपर्स को बराबरी का मौका नहीं मिल पाता है. इस कारण से अक्टूबर 2025 में CMA ने Apple और Google को “स्ट्रैटेजिक मार्केट स्टेटस” दिया था, जिसके बाद से वह उनसे सुधार लागू कराने की स्थिति में आ गया.

चार बड़े बदलाव

  1. अब दोनों कंपनियों ने चार बड़े बदलावों पर सहमति जताई है. पहला बदलाव ऐप रिव्यू सिस्टम से जुड़ा है. अब थर्ड पार्टी ऐप्स की जांच पारदर्शी, निष्पक्ष और बिना भेदभाव के होगी. इसका मतलब है कि एप्पल और गूगल अपने ऐप्स को प्राथमिकता नहीं दे पाएंगे और बाकी ऐप डेवलपर्स के ऐप्स के साथ समान व्यवहार करना होगा.
  2. इसमें दूसरा बदलाव ऐप रैंकिंग को लेकर है. ऐप स्टोर और प्ले स्टोर पर किसी ऐप की पोजिशनिंग अब निष्पक्ष और ऑब्जेक्टिव तरीके से तय की जाएगी. इससे छोटे और नए डेवलपर्स को भी आगे आने का मौका मिलेगा.
  3. तीसरा मुद्दा डेटा सेफ्टी से जुड़ा है. ऐप रिव्यू के दौरान थर्ड पार्टी डेवलपर्स से जो भी जानकारी ली जाती है, उसका गलत इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. कंपनियां उस डेटा का यूज़ अपने फायदे के लिए नहीं कर सकेंगी.
  4. चौथा और महत्वपूर्ण बदलाव एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़ा हुआ है. एप्पल को डेवलपर्स के लिए अपने सिस्टम फीचर्स तक आसानी से एक्सेस देना होगा, ताकि अलग-अलग ऐप्स बेहतर तरीके से काम कर सकें और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिल सके.

CMA ने साफ कहा है कि वो इन वादों पर नजर रखेगा और समय-समय पर सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करेगा. अगर नियमों का पालन नहीं हुआ तो आगे सख्त कार्रवाई भी हो सकती है. ब्रिटेन की ऐप इंडस्ट्री देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देती है. यह लगभग 1.5% जीडीपी पैदा करती है और करीब 4 लाख लोगों को रोजगार देती है. फाइनेंस, गेमिंग और टेक्नोलॉजी जैसे कई सेक्टर इसी पर निर्भर हैं. सरकार चाहती है कि यह डिजिटल इकोनॉमी मजबूत बनी रहे और इसमें कंप्टीशन भी बना रहे. इन बदलावों से उम्मीद है कि यूके में ऐप मार्केट ज्यादा पारदर्शी, बैलेंस और इनोवेशन के लिए अनुकूल बनेगा. इससे डेवलपर्स को बराबरी का मौका मिलेगा और यूजर्स को भी बेहतर विकल्प मिल सकेंगे.

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