Tuesday, January 27, 2026

CM हेमंत सोरेन केदिल्ली दौरे के बाद से सियासी गलियारों में जेएमएम और भाजपा के बीच नज़दीकियां बढ़ने की चर्चाएं शुरू हो गई.

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 बिहार में एनडीए की अप्रत्याशित जीत के बाद, झारखंड में सत्ता परिवर्तन को लेकर चल रहीं अटकलें इन दिनों तेज हो गई हैं. दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हाल ही में दिल्ली दौरे के बाद से सियासी गलियारों में जेएमएम और भाजपा के बीच नज़दीकियां बढ़ने की चर्चाएं शुरू हो गई. जिसकी गूंज शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में भी सुनाई दीं.

महागठबंधन के सहयोगी दलों कांग्रेस और राजद के प्रति झामुमो की नाराजगी साफ तौर पर देखी गई. शहरी विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि समीक्षा के लिए कोई समय सीमा तय नहीं है, लेकिन जो बातें कही गई थी उसके तहत जब गठबंधन के सभी सहयोगी दल एक साथ बैठेंगे तो इन मुद्दों पर जरूर चर्चा होगी

  • सत्ता परिवर्तन की चल रही चर्चाओं को सीधे खारिज करने के बजाय, उन्होंने कहा कि अफवाहों को सिर्फ अफवाहें ही रहने दें. उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना ​​है कि जिस तरह से ये अफवाहें सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही हैं, वह उनकी मानसिक दिवालियापन को दिखाता है. लोकतंत्र में जनता की अदालत सबसे ऊपर होती है, और जनादेश कहता है कि एक खास गठबंधन सत्ता में रहे. उस गठबंधन के सत्ता में रहने के अधिकार को चुनौती देना उस जनादेश का अपमान है, और ये लोग यही कर रहे हैं.”

झारखंड में सत्ता परिवर्तन की अटकलों पर नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने साफ तौर पर कहा कि वह यह सब सिर्फ मीडिया के जरिए सुन रहे हैं. उन्होंने कहा, “मैं पार्टी के अंदर ऐसा कुछ भी न तो सुन रहा हूं और न ही देख रहा हूं. यह ठंड का मौसम है, आप लोग भी थोड़ा आनंद लीजिए.” विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस मामले पर अभी और कुछ कहना सही नहीं है.

इस बीच, कांग्रेस नेता इसे जनता का ध्यान भटकाने की भाजपा की एक सोची-समझी साजिश बता रहे हैं. कांग्रेस विधायक नमन विक्सेल कोंगाड़ी ने कहा कि जिस तरह से एनडीए देश का संविधान बदलने का काम कर रही है और उसका विरोध यूपीए द्वारा किया जा रहा है, उससे ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की अफवाह प्रचारित की जा रही है.

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