Sunday, October 25, 2026

CM सम्राट चौधरी ने की IPS विकास वैभव की तारीफ, बेगूसराय को बताया बिहार की इंडस्ट्रियल कैपिटल.

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बोधगया/बेगूसराय: बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने IPS अधिकारी विकास वैभव और उनके गृह जिले बेगूसराय की सराहना की। मुख्यमंत्री ने बेगूसराय में उद्योगों के विस्तार का उल्लेख करते हुए इसे बिहार की ‘इंडस्ट्रियल कैपिटल’ बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, बोधगया स्थित आईटीसी वेलकम होटल में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों को बिहार में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करना और गया जिले के डोभी में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाना था।

बेगूसराय को बिहार की औद्योगिक राजधानी क्यों बताया?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में बेगूसराय में उद्योगों की मौजूदगी और बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस जिले में उद्योगों को बढ़ावा मिला है और धीरे-धीरे पूरे बिहार में भी औद्योगिक विकास का दायरा बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने IPS विकास वैभव का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से जुड़ते हैं और उन्हें राज्य से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके अनुसार, बिहार में निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

कौन हैं IPS विकास वैभव?

विकास वैभव 2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह मूल रूप से बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

पुलिस सेवा के दौरान वह विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनकी पहचान कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण रही है।

छह साल बाद फील्ड पुलिसिंग में लौटने की कही थी बात

मगध रेंज के IG की जिम्मेदारी संभालने के बाद विकास वैभव ने सोशल मीडिया पर अपनी नई भूमिका के बारे में जानकारी साझा की थी। उन्होंने कहा था कि करीब छह साल बाद वह फिर से फील्ड पुलिसिंग में लौटे हैं।

उन्होंने कानून का राज निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ लागू करने को प्राथमिकता बताया था। उनके बयान के मुताबिक, पुलिस व्यवस्था में लापरवाही, रिश्वतखोरी, FIR दर्ज करने में अनावश्यक देरी और एकतरफा कार्रवाई जैसे मामलों पर सख्ती जरूरी है।

उन्होंने जमीन विवाद, अतिक्रमण, यातायात व्यवस्था, अवैध शराब कारोबार और सड़क जाम जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता बताई थी।

अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद भी आए थे चर्चा में

विकास वैभव वर्ष 2015 में विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी से जुड़े घटनाक्रम के दौरान चर्चा में आए थे। रिपोर्ट के अनुसार, वह इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में भी कार्यरत रहे थे।

वर्ष 2023 में तत्कालीन पुलिस महानिदेशक शोभा अहोतकर के साथ विवाद को लेकर भी उनका नाम सुर्खियों में आया था। उस समय विकास वैभव ने सोशल मीडिया पर वरिष्ठ अधिकारी के व्यवहार को लेकर आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की खबर सामने आई थी। इस प्रकरण के बाद उनकी प्रशासनिक तैनाती में बदलाव हुआ था।

बिहार की आबादी और औद्योगिक विकास पर भी चर्चा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत और बिहार की आबादी का उल्लेख करते हुए राज्य में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने बिहार की बड़ी आबादी को आर्थिक गतिविधियों और निवेश के विस्तार के संदर्भ में रखा।

उन्होंने बिहार और झारखंड के विभाजन का भी जिक्र किया। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन के बाद जमीन का बड़ा हिस्सा झारखंड के पास चला गया, जबकि शेष हिस्सा बिहार में रहा। इस संदर्भ में उन्होंने राज्य में उद्योगों के विकास की जरूरत पर जोर दिया।

बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 में 100 से अधिक निवेशकों के शामिल होने का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से आए 100 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। आयोजन का प्रमुख उद्देश्य गया जिले के डोभी में विकसित हो रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करना और नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। रिपोर्ट में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया है।

हालांकि, कार्यक्रम में शामिल निवेशकों की संख्या और प्रस्तावित निवेश की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक विवरण सामने आने पर ही इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर क्या हैं उम्मीदें?

बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 जैसे आयोजनों का उद्देश्य निवेशकों और राज्य सरकार के बीच संवाद बढ़ाना तथा उद्योगों के लिए संभावित अवसरों को सामने लाना है। बेगूसराय में औद्योगिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी उद्योगों के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निवेशकों के साथ हुई चर्चाएं कितनी परियोजनाओं में बदलती हैं और डोभी औद्योगिक कॉरिडोर सहित राज्य के अन्य क्षेत्रों में निवेश से जुड़ी योजनाएं किस गति से आगे बढ़ती हैं।

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