भागलपुर में दो कॉलेज प्रिंसिपल साइबर ठगी का शिकार होने से बच गए. जालसाजों ने सीआईडी अधिकारी बनकर एक से शिक्षकों की सूची मांगी. वहीं, दूसरी ओर साइबर जालसाजों ने टीएनबी कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल के पीएफ खाते में जमा राशि निकालने का प्रयास किया.
भागलपुर यूनिवर्सिटी (TMBU) के दो कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य सहित सभी शिक्षक संगठन साइबर ठगी से बाल-बाल बच गये. मुख्यालय से दूर एक कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य को खुद को सीआईडी के अधिकारी बता कर सोमवार को किसी ने मोबाइल पर फोन किया. कुछ देर के लिए प्राचार्य समझ नहीं पायीं. उनके द्वारा प्रभारी प्राचार्य से कॉलेज के शिक्षक संघ की सूची मांगी जा रही थी. बार-बार जल्द सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा जा रहा था.
प्राचार्य ने लिस्ट देने से इंकार कर काटा फोन
प्राचार्य ने फोन करने वाले व्यक्ति से कहा कि कॉलेज में शिक्षक संगठन भंग हो चुका है. कोई शिक्षक संघ नहीं है. इसके बाद फोन काट दिया. इस बारे में दूसरे शिक्षकों से बात की गयी. प्राचार्य ने आशंका जताया है कि साइबर अपराधी द्वारा इस तरह का फोन किया गया. इस फोन के बाद से दूसरे कॉलेज के भी प्राचार्य और शिक्षक संगठन अलर्ट है.
पीएफ खाते की राशि को वेतन खाते में करवा दिया ट्रांसफर
दूसरी तरफ टीएनबी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो एसएन पांडेय के साथ भी साइबर ठगी की कोशिश की गयी. लेकिन वे भी बाल-बाल बच गये. बताया जा रहा है कि 12 मार्च को एसएन पांडेय के पीएफ खाते से किसी ने 25 लाख रुपये अपने सैलरी अकाउंट में ट्रांसफर कर लिये. वे बैंक से 25 लाख रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर करना चाहते थे. प्रो पांडेय ने कहा कि मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है. बैंक मैनेजर ने उनसे बात की और बताया कि प्राचार्य के सैलरी अकाउंट में पीएफ खाते से 25 लाख रुपये आये हैं. अब कोई इसे सैलरी अकाउंट से अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करना चाहता है. प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि मामले को लेकर बैंक मैनेजर से बात करने के बाद सभी ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी गयी.


