Saturday, September 19, 2026

CCL कर्मी की अविवाहित बहन को अनुकंपा नियुक्ति का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने छह सप्ताह में नियुक्ति का दिया निर्देश.

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रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) को मृत कर्मचारी की अविवाहित बहन को नियुक्ति देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए CCL के पूर्व के आदेशों को निरस्त कर दिया।

अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता स्मृति कुमारी को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। कोर्ट के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि 11 जून 2024 को NCWA-XI में किए गए संशोधन के बाद अविवाहित बहन को भी आश्रित की श्रेणी में शामिल किया गया है।

18 महीने की समयसीमा में किया गया था आवेदन

मामला CCL के दिवंगत कर्मचारी अंशु उरांव से संबंधित है। सेवा के दौरान 3 अगस्त 2023 को उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी मां अनिता देवी ने 20 दिसंबर 2023 को अपनी बेटी स्मृति कुमारी के लिए NCWA-XI के क्लॉज 9.3.0 के तहत अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किया।

CCL ने उस समय आवेदन को यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि उस समय के प्रावधानों के तहत अविवाहित बहन को आश्रित के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी।

नियम में संशोधन के बाद दोबारा किया आवेदन

इसके बाद 11 जून 2024 को JBCCI की स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी ने आश्रित की परिभाषा में संशोधन किया। संशोधित प्रावधान में अविवाहित बहन को भी आश्रित की श्रेणी में शामिल किया गया।

संशोधन के बाद स्मृति कुमारी की ओर से 18 जून 2024 को फिर आवेदन किया गया। इसके बाद 24 जुलाई 2024 को भी आवेदन दिया गया। हालांकि CCL ने नियुक्ति के दावे को दोबारा खारिज कर दिया।

कंपनी की ओर से दलील दी गई कि कर्मचारी की मृत्यु 3 अगस्त 2023 को हुई थी, जबकि अविवाहित बहन को आश्रित की श्रेणी में शामिल करने वाला संशोधन 11 जून 2024 को हुआ। CCL के इस फैसले को अपीलीय स्तर पर भी बरकरार रखा गया था।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संशोधन 11 जून 2024 से प्रभावी होने के बाद NCWA-XI का हिस्सा बन गया। अदालत के अनुसार, यदि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन निर्धारित 18 महीने की अवधि के भीतर किया गया है और आवेदन के समय संशोधित प्रावधान प्रभावी था, तो केवल इस आधार पर नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता कि कर्मचारी की मृत्यु संशोधन लागू होने से पहले हुई थी।

अदालत ने पाया कि स्मृति कुमारी ने 18 जून 2024 को आवेदन किया था, जो 3 अगस्त 2023 को हुई कर्मचारी की मृत्यु से 18 महीने की निर्धारित अवधि के भीतर था।

इसी आधार पर कोर्ट ने CCL की ओर से जारी 22 मई 2024, 22 अगस्त 2024 और 19 मार्च 2025 के आदेशों को रद्द कर दिया और स्मृति कुमारी को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया।

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