Ranchi News: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य सरकार के कामकाज और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट खर्च और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
मरांडी ने कहा कि रिपोर्ट में कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, ग्रामीण आवास, रोजगार और पेयजल से जुड़ी योजनाओं के संचालन में कई स्तरों पर चुनौतियां और कमियां दिखाई दी हैं।
जल जीवन मिशन की निविदा प्रक्रिया पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने जल जीवन मिशन के तहत जारी कुछ निविदाओं की प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में प्रतिस्पर्धा सीमित रही और कुछ परियोजनाएं अनुमानित लागत से अधिक दर पर आवंटित की गईं। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट में कुछ निविदाओं से संबंधित प्रक्रियात्मक बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, जिनकी जांच आवश्यक है।
प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा का भी किया जिक्र
मरांडी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उल्लेख करते हुए कहा कि कई पात्र परिवार अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने लाभार्थियों के चयन और प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत बताई।
मनरेगा के संबंध में उन्होंने कहा कि फंड जारी करने में देरी का असर ग्रामीण रोजगार पर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि योजनाओं के संचालन और राशि वितरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
बजट और उपयोगिता प्रमाण पत्र पर चिंता
वित्तीय प्रबंधन को लेकर मरांडी ने कहा कि उपयोगिता प्रमाण पत्रों के लंबित रहने और कुछ योजनाओं में आवंटित राशि का पूरा उपयोग नहीं होने जैसे मुद्दों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों का समय पर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है।
छात्र आंदोलन पर भी सरकार से संवाद की मांग
प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने राज्य में चल रहे छात्र आंदोलनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। उनके अनुसार, बातचीत और सकारात्मक पहल से विवादों का समाधान संभव है।
इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी और प्रवक्ता भी मौजूद रहे।
