पटना। Bihar Public Service Commission ने एईडीओ परीक्षा को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। आयोग ने इंटरनेट पर वायरल प्रश्नपत्र को पूरी तरह फर्जी बताया है। सोशल मीडिया पर पेपर लीक का दावा किया जा रहा था।
खासतौर पर टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर इसे फैलाया गया। आयोग ने कहा कि यह अभ्यर्थियों को गुमराह करने की साजिश है। ऐसे दावों पर भरोसा न करने की अपील की गई है।

14 से 21 अप्रैल की परीक्षा को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम
एईडीओ परीक्षा 14 से 21 अप्रैल के बीच आयोजित होनी है। इसी बीच कुछ लोग परीक्षा से पहले पेपर देने का दावा कर रहे हैं। इसके बदले अभ्यर्थियों से पैसे की मांग की जा रही है। आयोग ने इसे पूरी तरह अवैध और धोखाधड़ी बताया है।
BPSC ने कहा-परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित
आयोग ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह गोपनीय है। सभी परीक्षाएं पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराई जाती हैं।
पेपर लीक जैसी किसी भी संभावना को सख्ती से रोका जाता है। ऐसे फर्जी दावे आयोग की छवि खराब करने की कोशिश हैं।
BPSC ने भरोसा दिलाया कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी। अभ्यर्थियों को सिर्फ आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।
फर्जी मैसेज और प्रोफाइल से रहें सावधान
आयोग ने अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी अनजान लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। फर्जी प्रोफाइल और चैनल के जरिए ठगी की जा रही है।
ऐसे प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखना जरूरी है। आयोग ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में पैसे का लेन-देन न करें। सतर्कता ही ऐसे फ्रॉड से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे ठगी के मामले
BPSC ने बताया कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। हर बार अभ्यर्थियों को सावधान रहने की सलाह दी जाती रही है।


