Ranchi News | 3 नवंबर 2026: झारखंड के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान BIT मेसरा और IIT कानपुर के बीच शैक्षणिक सहयोग एवं संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के जरिए दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को एक-दूसरे की शैक्षणिक विशेषज्ञता और आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
3 नवंबर को हुआ समझौता, दोनों संस्थानों के प्रमुख रहे मौजूद
इस MoU पर 3 नवंबर 2026 को BIT मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना और IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। समझौते की अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है। दोनों संस्थानों की आपसी सहमति से इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
इसका उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने के साथ संयुक्त शोध, तकनीकी नवाचार और विद्यार्थियों के लिए नए अवसर विकसित करना है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलेंगे कई अवसर
समझौते के तहत दोनों संस्थानों के विद्यार्थी और शिक्षक एक-दूसरे के यहां शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। शोधार्थियों को संयुक्त मार्गदर्शन मिलेगा, जबकि विशेष प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं का साझा उपयोग भी किया जा सकेगा।
इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषण एजेंसियों के सामने संयुक्त शोध प्रस्ताव पेश करने का रास्ता भी खुलेगा। इससे विभिन्न विषयों में बड़े स्तर पर अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
पांच प्रमुख क्षेत्रों में होगा शैक्षणिक सहयोग
MoU में सहयोग के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्र तय किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर संयुक्त शोध परियोजनाएं।
- विद्यार्थियों का आदान-प्रदान और इंटर्नशिप।
- मास्टर और पीएचडी शोधार्थियों का संयुक्त मार्गदर्शन।
- संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, सेमिनार, सम्मेलन और कार्यशालाएं।
- शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण एवं व्यावसायिक विकास कार्यक्रम।
समझौते के अनुसार, दोनों संस्थानों के शिक्षक स्नातक के तीसरे वर्ष से और स्नातकोत्तर के पहले सेमेस्टर से विद्यार्थियों की शोध परियोजनाओं में संयुक्त मार्गदर्शन दे सकेंगे। मास्टर और पीएचडी के शोधार्थियों को दोनों संस्थानों के दो या अधिक शिक्षक मिलकर मार्गदर्शन कर सकते हैं।
IIT कानपुर की प्रयोगशालाओं में काम कर सकेंगे विद्यार्थी
इस साझेदारी के तहत BIT मेसरा के विद्यार्थियों को IIT कानपुर की विशेष प्रयोगशालाओं का दौरा करने और वहां उपलब्ध शोध सुविधाओं को समझने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन इंटर्नशिप के साथ अल्पकालिक पाठ्यक्रमों एवं कार्यशालाओं में भी भाग ले सकेंगे।
दोनों संस्थान GIAN और माइक्रो-क्रेडिट पाठ्यक्रमों के अलावा सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशालाएं और परामर्श गतिविधियां भी आयोजित करेंगे। शिक्षकों के आदान-प्रदान तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के अल्पकालिक प्रशिक्षण की व्यवस्था भी इस समझौते का हिस्सा है।
कुलपति ने साझेदारी को बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि
BIT मेसरा के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि IIT कानपुर के साथ यह साझेदारी संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रभावी अनुसंधान और नवाचार आधारित विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।
उनके मुताबिक, इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को उन्नत शोध, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय महत्व की समस्याओं पर काम करने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूत शैक्षणिक संस्थानों, कुशल शोधकर्ताओं और प्रशिक्षित कार्यबल की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
दोनों संस्थानों में नियुक्त किए गए समन्वयक
MoU को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए दोनों संस्थानों की ओर से समन्वयक नियुक्त किए गए हैं।
BIT मेसरा की तरफ से डीन ऑफ रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (DRIE) डॉ. राजू पोद्दार समन्वयक होंगे। डीन ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज (DUGS) डॉ. गौतम सरकार संयुक्त समन्वयक की जिम्मेदारी संभालेंगे।
वहीं, IIT कानपुर की ओर से डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. अशोक डे अथवा डीन ऑफ रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. जयंधरन गिरिधर राव समन्वयक की भूमिका निभाएंगे। एसोसिएट डीन या डीन की ओर से नामित प्रतिनिधि संयुक्त समन्वयक होंगे।
इस पांच वर्षीय समझौते से BIT मेसरा और IIT कानपुर के बीच शैक्षणिक गतिविधियों, शोध और तकनीकी नवाचार में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। इसका लाभ विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और शोधार्थियों को भी मिल सकता है।
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