पटना: बिहार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पेपर का पैटर्न, विषयवार प्रश्नों का वितरण और न्यूनतम qualifying marks जानना जरूरी है। STET के जरिए माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता हासिल की जाती है।
परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। परीक्षा कंप्यूटर आधारित यानी CBT मोड में आयोजित होने की जानकारी दी गई है।
150 मिनट में देना होगा 150 सवालों का जवाब
STET परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट यानी 150 मिनट होगी। पेपर में कुल 150 प्रश्न होंगे और अधिकतम अंक भी 150 रहेंगे।
अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि परीक्षा में गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं है। यानी गलत जवाब के लिए अंक नहीं काटे जाएंगे।
पेपर का पैटर्न
| सेक्शन | विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|---|
| सेक्शन-1 | अभ्यर्थी द्वारा चुना गया मुख्य विषय | 100 | 100 |
| सेक्शन-2 | Art of Teaching | 30 | 30 |
| सेक्शन-2 | General Ability | 20 | 20 |
| कुल | 150 | 150 |
Paper 1 और Paper 2 दोनों के लिए यह मूल अंक-वितरण समान बताया गया है। मुख्य विषय के 100 प्रश्नों के अलावा शिक्षण क्षमता और सामान्य योग्यता से कुल 50 प्रश्न होंगे।
Art of Teaching में इन टॉपिक्स से सवाल
50 अंकों वाले दूसरे हिस्से में 30 अंक Teaching-related topics के होंगे। इसमें शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, लेसन प्लान, विभिन्न शिक्षण विधियां और कक्षा प्रबंधन जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा विद्यार्थियों के मूल्यांकन, टेस्ट और assessment, समावेशी शिक्षण तथा Teaching Learning Material (TLM) के उपयोग से संबंधित प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं।
General Ability में 20 अंकों का हिस्सा
General Ability सेक्शन में कुल 20 प्रश्न होंगे। इसमें सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाक्रम के साथ बेसिक गणित, रीजनिंग और पर्यावरण विज्ञान से जुड़े प्रश्न शामिल रहेंगे।
अभ्यर्थियों को तैयारी करते समय इन सभी हिस्सों पर संतुलित ध्यान देना होगा, क्योंकि कुल स्कोर में मुख्य विषय के साथ Teaching और General Ability का भी योगदान रहेगा।
कैटेगरी के अनुसार कितने अंक जरूरी?
STET 2026 में qualifying marks अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग रखे गए हैं। उपलब्ध परीक्षा विवरण के अनुसार न्यूनतम अंक इस प्रकार हैं:
| श्रेणी | न्यूनतम प्रतिशत | 150 में अनुमानित अंक |
|---|---|---|
| सामान्य वर्ग | 50% | 75 |
| BC | 45.5% | 68.25 |
| EBC | 42.5% | 63.75 |
| SC/ST | 40% | 60 |
| दिव्यांग अभ्यर्थी | 40% | 60 |
| महिला अभ्यर्थी | 40% | 60 |
इन अंकों को न्यूनतम qualifying requirement के रूप में समझना चाहिए। अंतिम परिणाम और पात्रता से जुड़ी शर्तों के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक अधिसूचना में दिए गए नियमों को जरूर देखना चाहिए।
कई शिफ्ट में परीक्षा होने पर लागू होगा Normalization
यदि परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित होती है, तो प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर हो सकता है। ऐसे में स्कोर को तुलनात्मक रूप से संतुलित करने के लिए normalization प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष तरीके से आकलन करना होता है। इसलिए केवल कच्चे अंकों के आधार पर अपनी स्थिति का अनुमान लगाने के बजाय बोर्ड की अंतिम मूल्यांकन प्रक्रिया को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
तैयारी में इन बातों पर दें ध्यान
STET की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सबसे पहले अपने मुख्य विषय के पूरे सिलेबस को मजबूत करना चाहिए। इसके साथ Teaching से जुड़े concepts, सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित और पर्यावरण विज्ञान की नियमित तैयारी करना उपयोगी रहेगा।
चूंकि गलत उत्तर के लिए अंक कटने की व्यवस्था नहीं बताई गई है, इसलिए परीक्षा के दौरान सभी प्रश्नों को रणनीति के साथ attempt करना अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
