Buxar News: पुलिस ने बताया कि शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
बक्सर जिले के सती घाट पर सोमवार सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। यह वही युवक निकला, जो दो दिन पहले रामरेखा घाट पर मोबाइल पटककर गंगा नदी में कूद गया था। शव की पहचान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो दिन पहले गंगा नदी में कूदा था युवकस्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार को रामरेखा घाट पर एक युवक किसी से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसने अचानक अपने मोबाइल को तोड़कर नदी में फेंक दिया और खुद भी गंगा में छलांग लगा दी। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश कराई गई। लेकिन कड़ी मशक्कत के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
परिजन भी लगातार युवक की खोजबीन कर रहे थे। सोमवार सुबह जब सती घाट पर एक शव बहकर आया, तो लोगों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव की पहचान कराई, जिसके बाद मृतक के परिवारवालों ने चंदन तिवारी के रूप में उसकी शिनाख्त की। मृतक की पहचान बक्सर जिले के बभनी गांव निवासी बेचू तिवारी के बेटे चंदन तिवारी (30) के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि चंदन की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसका इलाज पटना में चल रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
आत्महत्या की जताई जा रही आशंकाबक्सर टाउन थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस परिजनों से भी पूछताछ कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। इलाके में शोक का माहौलचंदन तिवारी का शव मिलने के बाद परिवार में मातम पसर गया। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां और पिता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने बताया कि चंदन पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ था और उसका इलाज पटना में चल रहा था। इस घटना के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को परिवार का अधिक सहारा मिलना चाहिए, ताकि वे इस तरह के कदम न उठाएं। ‘अवसाद से जूझ रहे लोगों का रखें ध्यान’पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो या अवसादग्रस्त हो, तो उसे अकेला न छोड़ें और सही समय पर इलाज कराएं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं पर गौर कर रही है।



