पटना: बिहार के ग्राम कचहरियों में कार्यरत न्याय मित्रों ने अपनी सेवा और मानदेय से जुड़ी मांगों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात की। कैमूर और भभुआ से आए न्याय मित्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने न्याय मित्रों की सेवा स्थायी करने, मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने समेत अन्य मांगों पर विचार करने का आग्रह किया।
करीब 7 हजार रुपये के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग
न्याय मित्रों का कहना है कि वर्तमान समय में उन्हें लगभग 7,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं है। इसलिए मानदेय में उचित बढ़ोतरी की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश कुमार के सामने इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा और सरकार से न्याय मित्रों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित करने की मांग की।
2007 से ग्राम कचहरियों में दे रहे सेवाएं
प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, न्याय मित्रों की नियुक्ति वर्ष 2007 से ग्राम कचहरियों में होती रही है। तब से वे लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
न्याय मित्रों का कहना है कि उनका योगदान केवल ग्राम कचहरियों से जुड़े न्यायिक कार्यों तक सीमित नहीं रहा। सरकार और प्रशासन की ओर से समय-समय पर सौंपे गए विभिन्न कार्यों में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई है।
सेवा स्थायी करने की भी मांग
मानदेय बढ़ाने के साथ न्याय मित्रों ने अपनी सेवा को स्थायी करने की मांग भी उठाई है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से काम कर रहे न्याय मित्रों की सेवा शर्तों और भविष्य को लेकर भी सरकार को सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
नीतीश कुमार ने सुनीं मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से पूर्व मुख्यमंत्री के सामने रखा। नीतीश कुमार ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और न्याय मित्रों के कार्यों की सराहना की।
उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
न्याय मित्रों की प्रमुख मांगें
- सेवा को स्थायी किया जाए।
- मासिक मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी हो।
- लंबे समय से सेवा दे रहे न्याय मित्रों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।
- सरकार और प्रशासन की ओर से किए जाने वाले अतिरिक्त कार्यों को भी ध्यान में रखा जाए।
