Bihar : लालू यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल में लालू यादव के सबसे करीब रहने वाले राबड़ी देवी के भाई ने लालू यादव पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने कहा कि उस समय बिहार में होने वाले अपहरण के बाद फिरौती की राशि सीएम हाउस से ही तय होती थी।

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के साले सुभाष यादव ने लालू प्रसाद यादव पर काफी गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने कहा कि लालू और राबड़ी देवी के समय बिहार में होने वाले सभी अपहरण में किससे कितनी राशि लेनी है यह सीएम हाउस में लालू जी ही करते थे। उन्होंने कहा कि अपहरण के मामले में सारा डील लालू प्रसाद यादव, शहाबुद्दीन और प्रेमचंद गुप्ता ही करते थे।
घोटाला करने वाला काट रहा है, भोग रहा है सुभाष यादव ने कहा कि पशुपालन घोटाला, अलकतरा घोटाला सहित ऐसे न जाने कितने घोटाले हुए, लेकिन मेरे दामन में दाग नहीं लगे। इसकी वजह यह है कि हम ने चोरी नहीं किया जिसने चोरी किया वह काट रहा है, भोग रहा है। सुभाष यादव ने कहा कि हम लोग कहां चोरी किये, हमलोगों के खिलाफ सिर्फ हल्ला किया गया। सच्चाई यह है कि हम दोनों ने कुछ नहीं किया लेकिन हमें बदनाम जरुर किया गया। असली खेलसीएम हाउस में होता था।
लालू यादव, शहाबुद्दीन और प्रेमचंद गुप्ता करते थे तय सुभाष यादव ने कहा कि बिहार में होने वाले अपहरण को लालू यादव, शहाबुद्दीन और प्रेमचंद गुप्ता तय करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जवाहर गोयल और सुभाष चंद्रा के संबंधी का अपहरण हुआ था, जिसे इन्हीं तीन लोगों ने तय किया था। उन्होंने बिना नाम बताये कहा कि जवाहर गोयल के रिश्तेदार का अररिया से अपहरण हुआ था, जिससे दिल्ली में 6 करोड़ लेने के बाद छोड़ा गया था। उनके अपहरण में जाकिर हुसैन का नाम आ रहा था, इसलिए लालू प्रसाद यादव, शहाबुद्दीन और प्रेमचंद गुप्ता लगातार जाकिर हुसैन को छोड़ देने के लिए कह रहे थे, जबकि उसका अपहरण जाकिर ने नहीं बल्कि सहरसा के एक शख्स ने किया था। अपहरण करने के बाद उसे सहरसा के काला दियारा में नाव पर रखा गया था।


