Muzaffarpur News: बीडीओ शशि प्रकाश ने कहा कि सरकारी अनाज को बीच सड़क पर बेचे जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर जिले में सरकारी अनाज की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक सरकारी वाहन से बीच सड़क पर अनाज उतारकर बेचा जा रहा है। जब एक ग्रामीण ने इस पर आपत्ति जताई, तो चालक और उसके साथी ने अनाज की बोरियां वापस लोड कीं और मौके से फरार हो गए। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अब संबंधित विभाग इसकी जांच में जुट गया है।
बीच रास्ते में अनाज बेचते पकड़ा गया चालकजानकारी के मुताबिक, घटना मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड क्षेत्र के खंगुरा डीह पंचायत के पास की बताई जा रही है। यहां खाद्यान्न आपूर्ति केंद्र से जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेता की दुकान तक पहुंचाने वाली डोर-स्टेप डिलीवरी की गाड़ी बीच रास्ते में अनाज उतार रही थी। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, चालक सड़क किनारे सरकारी अनाज की बोरियां एक घर में रखवा रहा था, जो स्पष्ट रूप से कालाबाजारी का मामला है।
इसी दौरान एक ग्रामीण ने इस संदिग्ध गतिविधि को देख लिया और चालक से सवाल-जवाब करने लगा। पकड़े जाने पर चालक और उसके साथी ने अनाज को वापस गाड़ी में रख लिया और वहां से तेजी से निकल गए। ग्रामीणों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब वायरल हो रहा है।
जांच में जुटी टीमइस घटना की सूचना मिलने के बाद कटरा प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शशि प्रकाश ने कहा कि सरकारी अनाज को बीच सड़क पर बेचे जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक इस संबंध में किसी ने भी आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। बीडीओ ने कहा कि जैसे ही कोई लिखित शिकायत मिलती है, प्रशासन तत्काल उचित कदम उठाएगा। पीडीएस सिस्टम पर उठे सवालइस घटना ने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) में व्याप्त भ्रष्टाचार को फिर से उजागर कर दिया है। सरकार गरीबों तक अनाज पहुंचाने के लिए डोर-स्टेप डिलीवरी योजना चला रही है, लेकिन इस तरह के मामले यह साबित करते हैं कि इस सिस्टम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार देखा गया है कि सरकारी अनाज डीलर और सप्लायर की मिलीभगत से बाजार में बेच दिया जाता है। जरूरतमंद लोगों को पूरा राशन नहीं मिल पाता, जबकि कुछ लोग इसका फायदा उठाकर मुनाफा कमा रहे हैं।



