Motihari Police: मोतिहारी के पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने बताया कि दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा के ऊपर कोर्ट से परमानेंट वारंट जारी हुआ था। वह पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था। मोतिहारी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
चौबे गए छब्बे बनने दूबे बनकर आ गए” यह कहावत सोमवार को मोतिहारी में एक दरोगा के ऊपर सटीक चरितार्थ हो गई। निगरानी विभाग में तैनात दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा पूर्व विधायक राजेश कुशवाहा के साथ अपने केस की पैरवी करने एसपी ऑफिस पहुंचा था। वह भी तब जब कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ वारंट जारी किया था। इतना ही नहीं जब दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा ने सरेंडर नहीं किया था तो कोर्ट ने कुर्की का आदेश भी जारी कर दिया था। लेकिन, दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा अपनी हनक दिखाकर गायब हो गया था। एसपी ऑफिस पहुंचते ही दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा ने खुद को निर्दोष बताया। पूर्व विधायक ने भी एसपी को कहा यह निर्दोष है। लेकिन मोतिहारी के सामने उसकी एक न चली। उसे गिरफ्तार कर लिया गया
निगरानी विभाग में दरोगा के पद पर तैनात है रामबाबूअब मोतिहारी पुलिस दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा जेल भेजने की कार्रवाई कर रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा अपने ऊपर वारंट जाने होने के बावजूद निगरानी विभाग, पटना में ड्यूटी कर रहा था। मोतिहारी के पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने बताया कि दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा के ऊपर कोर्ट से परमानेंट वारंट जारी हुआ था। वह पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था। मोतिहारी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आज उसे गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अग्रेतर कार्रवाई कर रही है।
वारंट और कुर्की की भी दरोगा ने नहीं की परवाहबताया जा रहा है कि दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा पर करीब दो वर्ष पूर्व ही गौरे गांव निवासी नवीन कुमार सिंह ने गोली चलाने और जबरन रंगदारी में जमीन लिखवाने का मुकदमा न्यायालय में दायर किया था। केस की सुनवाई शुरू हुई तो दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा कोर्ट में पेश ही नहीं हुआ। जब कई तारीखों पर दरोगा पेश नहीं हुआ तो कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट और कुर्की निकाल दिया। लेकिन, दरोगा राम बहादुर प्रसाद कुशवाहा ने इसकी परवाह नहीं की। वह अपनी हनक पर ड्यूटी घूमता रहा। इसी हनक में आज केस की पैरवी करने एसपी ऑफिस पहुंता तो एसपी ने फौरन मोतिहारी पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।



