Tuesday, October 27, 2026

Bihar News: मोतिहारी में 5 लाख के जाली नोट बरामद, गाड़ी के गुप्त चैंबर में छिपाकर हो रही थी तस्करी.

Share

27 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

Motihari Fake Currency News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में जाली भारतीय करेंसी की बरामदगी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सेमरा गांव के पास एक वाहन की तलाशी ली। इस दौरान गाड़ी के अंदर बने गुप्त चैंबर से करीब 5 लाख रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद किए गए। मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जाली नोटों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए वाहन में विशेष गुप्त जगह बनाई गई थी। पुलिस अब बरामद करेंसी के स्रोत, उसकी आपूर्ति और इस मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

मोतिहारी में वाहन से मिले करीब 5 लाख रुपये के जाली नोट

बताया जा रहा है कि पुलिस को जाली करेंसी की खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सेमरा गांव के पास वाहन जांच के दौरान संदिग्ध गाड़ी को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन में बने गुप्त चैंबर से करीब पांच लाख रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद हुए।

इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों और संदिग्ध की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

गाड़ी के अंदर बनाया गया था गुप्त चैंबर

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जाली नोटों को छिपाकर ले जाने के लिए वाहन के अंदर एक विशेष गुप्त चैंबर बनाया गया था। आशंका है कि इसका इस्तेमाल करेंसी को जांच से बचाकर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गाड़ी में गुप्त जगह किसने बनाई, वाहन का इस्तेमाल किन लोगों ने किया और इस पूरे मामले में अन्य व्यक्ति भी शामिल हैं या नहीं।

नेपाल से मोतिहारी लाई जा रही थी जाली करेंसी?

पुलिस को मिले शुरुआती खुफिया इनपुट के अनुसार, बरामद जाली करेंसी की खेप नेपाल से मोतिहारी लाई जा रही थी। यह भी आशंका जताई जा रही है कि नोटों को बिहार के स्थानीय बाजारों में खपाने की योजना हो सकती थी।

हालांकि, खेप के वास्तविक स्रोत, उसके अंतिम गंतव्य और बाजार में वितरण की कथित योजना को लेकर अभी जांच जरूरी है। इन बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही निकाला जा सकता है।

दिल्ली और नेपाल से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच

पुलिस हिरासत में लिए गए संदिग्ध से पूछताछ कर जाली नोटों के स्रोत और उनकी आपूर्ति से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। जांच में दिल्ली और नेपाल से जुड़े संभावित नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं:

  • जाली नोट कहां तैयार किए गए थे?
  • इन्हें मोतिहारी तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी?
  • क्या इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है?
  • बरामद करेंसी को कहां पहुंचाया जाना था?
  • क्या इससे पहले भी इसी तरह की खेप की आपूर्ति की गई थी?

इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता को पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता।

जाली नोटों की बरामदगी के बाद जांच जारी

मोतिहारी में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस जाली करेंसी की तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। बरामद नोटों के स्रोत, वाहन के इस्तेमाल और हिरासत में लिए गए संदिग्ध की भूमिका की जांच की जा रही है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाना अपने आप में उसका अपराध साबित नहीं करता। मामले में आगे की जानकारी पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

बिहार और पूर्वी चंपारण से जुड़ी ताजा खबरों के लिए BHARATSUPERFASTNEWS के साथ जुड़े रहें।

Read more

Local News