पटना: बिहार में जमाबंदी रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में अहम बदलाव किया गया है। अब अंचल कार्यालयों को जमाबंदी में सुधार के लिए रैयत के आवेदन का इंतजार नहीं करना होगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल अधिकारियों को स्वयं पहल कर रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को ठीक करने का निर्देश दिया है।
पुराने खारिज मामलों की भी होगी समीक्षा
विभाग के निर्देश के मुताबिक, ऐसे मामलों की भी दोबारा जांच की जाएगी, जिनके आवेदन जमाबंदी में त्रुटि के कारण पहले खारिज कर दिए गए थे। रिकॉर्ड की जांच के बाद जरूरी सुधार कर मामलों का निपटारा करने की जिम्मेदारी संबंधित अंचल अधिकारियों की होगी।
यह निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान दिया। बैठक में सारण, सुपौल और पश्चिम चंपारण के अंचल अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की गई।
99 फीसदी आवेदन खारिज करने पर कार्रवाई
समीक्षा के दौरान सारण जिले में राजस्व महा-अभियान के तहत बड़ी संख्या में आवेदन खारिज किए जाने का मामला भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 99 प्रतिशत आवेदन रिजेक्ट किए गए थे।
इस मामले में परसा, अमनौर और दरियापुर के अंचल अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को आवेदनों की जांच और उनके निपटारे में अधिक गंभीरता बरतने को कहा गया है।
भू-अर्जन में लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने भू-अर्जन से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को लापरवाही से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में देरी के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
विभाग की ओर से यह भी निर्देश दिया गया कि नोटिस की तामील के 14 दिन बाद संबंधित पक्ष को रिमाइंडर भेजा जाए। वहीं, अदालत में लंबित मामलों की स्थिति की नियमित जानकारी निदेशालय को देने और जरूरत के मुताबिक लीगल सेल से मामलों की समीक्षा कराने को कहा गया है।
वासभूमि के आवेदन के लिए पटना जाने की जरूरत नहीं
विभाग के सचिव ने स्पष्ट किया कि वासभूमिहीन लाभार्थियों को वासभूमि से संबंधित आवेदन जमा करने के लिए पटना स्थित मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में ही जमा किया जा सकता है।
आवेदन लेने के बाद अंचल कार्यालय को आवेदक को रसीद भी देनी होगी। इससे आवेदक के पास आवेदन जमा करने का प्रमाण रहेगा।
आवेदन लेने से इनकार हुआ तो अधिकारी की जवाबदेही
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अंचल कार्यालय में आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता और इसके कारण आवेदक को राज्य मुख्यालय पटना आना पड़ता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस नए निर्देश का उद्देश्य जमाबंदी रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर सक्रिय करना और लंबित या त्रुटिपूर्ण मामलों के निपटारे में तेजी लाना है।
