Sasaram Crime: डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि राजकुमार सिंह और उनके चचेरे भाइयों के बीच लंबे समय से जमीन और ईंट भट्ठे को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद के कारण कुदरा थाना क्षेत्र में कई मामले दर्ज हो चुके हैं।
सासाराम में जमीन और व्यवसायिक विवाद के चलते रिश्तों की डोर खूनी साजिश में बदल गई। जिले के चेनारी थाना क्षेत्र में एक ईंट भट्ठा मालिक राजकुमार सिंह की हत्या की साजिश में उनके चचेरे भाइयों ने सुपारी देकर हत्या की योजना बनाई। इस साजिश में शामिल दो सगे भाइयों और उनके सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन हत्या की सुपारी लेने वाला मुख्य अपराधी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
जमीन और व्यवसायिक विवाद ने लिया खतरनाक मोड़जानकारी के मुताबिक, घटना दो सितंबर 2024 की है, जब ईंट भट्ठा मालिक राजकुमार सिंह पर मोटरसाइकिल सवार दो अपराधियों ने गोली चलाई थी। हमले में घायल राजकुमार सिंह ने कैमूर जिले के नेवरास गांव निवासी अपने चचेरे भाइयों उमेश सिंह और महेंद्र सिंह के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने व्यावसायिक विवाद के चलते राजकुमार सिंह की हत्या की सुपारी दी थी।
साजिश का खुलासा और गिरफ्तारीजांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर पहले बड़ेलाल राम उर्फ राकेश कुमार को गिरफ्तार किया। बड़ेलाल ने लाइनर (मध्यस्थ) की भूमिका निभाई थी। उसकी निशानदेही पर चचेरे भाई उमेश सिंह को पकड़ा गया। इसके बाद 11 जनवरी 2025 को मुख्य आरोपी महेंद्र सिंह की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने बताया कि उमेश सिंह और महेंद्र सिंह ने हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी तय की थी। साजिश के तहत दोनों ने अग्रिम भुगतान के तौर पर 50 हजार रुपये दिए और दिल्ली चले गए, ताकि शक की सुई उनकी ओर न जाए। व्यवसायिक दुश्मनी ने बढ़ाई खाईडीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि राजकुमार सिंह और उनके चचेरे भाइयों के बीच लंबे समय से जमीन और ईंट भट्ठे को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद के कारण कुदरा थाना क्षेत्र में कई मामले दर्ज हो चुके हैं। इन झगड़ों ने बाद में खूनी रूप ले लिया और हत्या की योजना तक पहुंच गया। पुलिस ने बताया कि हत्या की सुपारी लेने वाला मुख्य अपराधी फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। डीएसपी ने कहा कि तीनों गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और अन्य दोषियों का सत्यापन कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।



