पटना: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई एयरपोर्ट और एयरस्ट्रिप परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। राज्य के अलग-अलग शहरों में निर्माण, भूमि अधिग्रहण और टेंडर से जुड़ी प्रक्रियाएं चल रही हैं। इनमें रक्सौल, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया एयरपोर्ट को लेकर समयसीमा सामने आई है।
विकास आयुक्त कोषांग से मिली जानकारी के अनुसार, रक्सौल एयरपोर्ट को अप्रैल 2029 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में वर्ष 2028 के दौरान हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी है।
रक्सौल में अप्रैल 2029 तक उड़ान शुरू करने का लक्ष्य
रक्सौल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब रनवे विस्तार और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों की दिशा में आगे की प्रक्रिया चल रही है।
रनवे सहित एयरसाइड निर्माण के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया भी जारी है। सरकार का लक्ष्य अप्रैल 2029 तक परियोजना को पूरा कर एयरपोर्ट को परिचालन में लाना है।
मुजफ्फरपुर में करीब 59 करोड़ रुपये के कार्य
मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए अलग-अलग कार्यों के आदेश जारी किए गए हैं। टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर और फायर स्टेशन आदि के निर्माण के लिए 27.67 करोड़ रुपये का कार्यादेश दिया गया है।
वहीं रनवे, एप्रन और टैक्सीवे के निर्माण पर 31.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इस तरह दोनों कार्यों की कुल लागत करीब 58.87 करोड़ रुपये है। मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को वर्ष 2028 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
पूर्णिया एयरपोर्ट जून 2028 तक हो सकता है चालू
पूर्णिया में न्यू सिविल एन्क्लेव के निर्माण की निविदा प्रक्रिया चल रही है। परियोजना के निर्माण को मई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद जून 2028 तक एयरपोर्ट को चालू करने की योजना बनाई गई है।
बीरपुर और वाल्मीकिनगर में भी काम जारी
बीरपुर और वाल्मीकिनगर में एयरपोर्ट विकास से संबंधित निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। बीरपुर एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करने की योजना है।
दोनों परियोजनाओं में टर्मिनल भवन, एटीसी टावर, विद्युतीकरण और रनवे जैसे कार्यों को लेकर प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं।
सहरसा में दोबारा निकलेगा टेंडर
सहरसा एयरपोर्ट परियोजना में टर्मिनल और एटीसी भवन निर्माण के लिए प्राप्त बोलियों में एक समस्या सामने आई। बोली की राशि असामान्य रूप से कम पाए जाने के बाद अब इस परियोजना के लिए री-टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
किशनगंज में रनवे विस्तार की तैयारी
किशनगंज एयरपोर्ट पर रनवे को 1,000 मीटर तक बढ़ाने की योजना है। इसके लिए करीब 24.70 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
दूसरी ओर, फारबिसगंज एयरपोर्ट को संशोधित उड़ान योजना के तहत विकसित करने के लिए AAI से सहमति मांगी गई है।
सबेया एयरस्ट्रिप का होगा आगे सर्वे
गोपालगंज स्थित सबेया एयरस्ट्रिप के प्री-फिजिबिलिटी अध्ययन को सफल बताया गया है। अब यहां OLS सर्वे कराने की तैयारी है। इस सर्वे के बाद एयरस्ट्रिप के विकास से जुड़ी आगे की प्रक्रिया में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, छपरा में सीमित उपलब्ध जमीन और आसपास घनी आबादी के कारण एयरपोर्ट परियोजना के सामने तकनीकी चुनौतियां हैं। बेगूसराय के उलाव में भी बरौनी रिफाइनरी, एनएच-31 और आबादी वाले क्षेत्रों की नजदीकी को प्रमुख चुनौती माना जा रहा है। यहां OLS सर्वे कराने के लिए AAI से अनुरोध किया गया है।
बिहार में इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से आने वाले वर्षों में राज्य के कई शहरों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।
