पटना: बिहार राज्य निर्वाचन आयोग देश में पहली बार नगर पालिका चुनाव में मोबाइल आधारित ई-वोटिंग करवा रहा है. ई वोटिंग के माध्यम से पहली बार 80 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, शारीरिक रूप से दिव्यांग, असाध्याय रोग से ग्रसित, गर्भवती महिला और प्रवासी मजदूर इसमें भाग ले रहे हैं. बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार वोटिंग के लिए 51155 मतदाताओं ने पंजीकरण करवाया है जिसमें 26038 पुरुष और 2517 महिलाएं हैं.
मोबाइल ई-वोटिंग कराने वाला पहला राज्य बिहार: बिहार के 6 नगर निकायों में 45 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. सुबह 7:00 से वोटिंग शुरू है जो 1:00 बजे तक चलेगी. मोबाइल ई-वोटिंग कराने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन गया है. बिहार निर्वाचन आयोग ने निकाय उपचुनाव 2025 के लिए मोबाइल ई-वोटिंग की व्यवस्था की है. वोटों की गिनती 30 जून को होगी.
दुबई-कतर से भी वोट कास्ट करेंगे मतदाता: निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस नए तरीके के बाद वोटरों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. नगर निकाय के चुनाव पटना, पूर्वी चंपारण, रोहतास, बक्सर, बांका और सारण में होने हैं. मोबाइल ई-वोटिंग के लिए सबसे ज्यादा पंजीकरण बक्सर में हुआ है. वहीं दुबई और कतर में नौकरी कर रहे राज्य के नागरिकों ने भी अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. विदेश में बैठकर बिहार के मतदाता अपने वोट का प्रयोग करेंगे.
“बिहार निर्वाचन आयोग देश में फर्स्ट टाइम ई-वोटिंग का प्रयोग कर रहा है. इसका मकसद मतदान का प्रतिशत बढ़ाना है. इसके लिए दो ऐप विकसित किए गए हैं और पूरी तरह से सुरक्षित है. ई-वोटिंग से एक बार मतदान होने के बाद वह लॉक हो जाएगा और मतगणना के दिन ही उसे खोला जाएगा.”- डॉ. दीपक प्रसाद, आयुक्त, बिहार राज्य निर्वाचन आयोग
बिहार में नगर निकाय चुनाव के लिए वोटिंग : पटना के तीन नगर पंचायत, पूर्वी चंपारण के दो नगर पंचायत, रोहतास के एक नगर पंचायत, सारण के एक नगर पंचायत और बक्सर बांका के एक-एक नगर परिषद में चुनाव हो रहा है, पटना हाईकोर्ट के निर्देश के कारण गया के एक नगर पंचायत और एक नगर परिषद के साथ सिवान के नगर पंचायत चुनाव को रोक दिया गया है.
चार नगर पंचायत में मोबाइल से वोटिंग: ई-वोटिंग के लिए जिन लोगों ने मोबाइल से रजिस्ट्रेशन कराया है, उसी ऐप के माध्यम से मोबाइल से वोटिंग भी करेंगे. एक मोबाइल से अधिक से अधिक दो लोग जो रजिस्ट्रेशन करवाएं हैं वह वोट डाल सकते हैं.
बिहार में पहली बार ई-वोटिंग : बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पटना में खुसरूपुर के 10 वार्ड में चुनाव हो रहा है, जहां 1915 मतदाताओं ने वोटिंग के लिए पंजीकरण कराया है. वहीं नौबतपुर नगर पंचायत में 15 वार्ड में चुनाव हो रहा है जहां 3723 मतदाताओं ने ई वोटिंग के लिए पंजीकरण करवाया है. पटना के विक्रम नगर पंचायत में 14 वार्ड में चुनाव हो रहा है, जहां 2612 मतदाताओं ने वोटिंग के लिए पंजीकरण करवाया है.
पूर्वी चंपारण में इतने मतदाता घर बैठे करेंगे वोट: पूर्वी चंपारण के मेहसी पंचायत में 15 वार्ड में चुनाव हो रहा है, जहां 3270 मतदाताओं ने ई-वोटिंग के लिए पंजीकरण कराया है. वहीं पूर्वी चंपारण के पकड़ी दयाल नगर पंचायत में 15 वार्ड में चुनाव हो रहा है, जहां 3201 मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है.

रोहतास में 3260 मतदाता करेंगे ई-वोटिंग: रोहतास के कोचस नगर पंचायत में 16 वार्ड में चुनाव हो रहा है, जहां 3260 मतदाताओं ने ई वोटिंग के लिए पंजीकरण कराया है. बक्सर नगर परिषद में 42 वार्ड में चुनाव हो रहा है, जहां 13148 मतदाताओं ने ई-वोटिंग के लिए पंजीकरण कराया है.
बांका में 5216 मतदाताओं ने किया पंजीकरण: वहीं बांका नगर परिषद के 26 वार्ड में चुनाव हो रहा है, जहां 5216 मतदाताओं ने ई-वोटिंग के लिए पंजीकरण कराया है. सारण के एकमा नगर पंचायत में 19 वार्ड में चुनाव हो रहा है, जहां 3933 मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है.
सिवान और गया में चुनाव टला: वहीं सिवान के मरवा नगर पंचायत में 13 वार्ड में 2162 मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है, लेकिन यहां कोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव रोक दिया गया है. वहीं गया जी के बोधगया नगर परिषद में 33 वार्ड के लिए 7048 मतदाताओं ने ई वोटिंग के लिए पंजीकृत कराया है, जबकि गया जी के खिजरसराय नगर पंचायत के लिए 13 वार्ड के लिए 1667 मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है. दोनों जगह पटना हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी है.
ई-वोटिंग करने वाले मतदाताओं की संख्या: नगरपालिका उपचुनाव में मोबाइल से वोटिंग के लिए कुल 33,079 मतदाताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इसमें से 31238 के निबंधन के लिए किये गये आवेदन वैध पाये गये हैं. बिहार निर्वाचन आयोग ने 22 जून अंतिम तिथि उपचुनाव में पंजीकरण के लिए निर्धारित की थी. आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पंजीकरण करानेवालों में सबसे अधिक 16788 महिला मतदाताओं ने जबकि 16291 पुरुष मतदाताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है.
ऐप डाउनलोड करके डाल सकेंगे वोट: बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की वोटिंग के लिए दो ऐप विकसित किया है. ई वोटिंग के लिए जो दो ऐप लॉन्च किया है वह eVoting SECBHR और eVoting SECBIHAR है. इसी के माध्यम से वोटिंग का काम चल रहा है. राज्य निर्वाचन आयोग ने टोल फ्री नंबर भी जारी किया है. इसमें किसी तरह की परेशानी होने पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं टोल फ्री नंबर 1800 3457243 है.
वोटिंग परसेंटेज बढ़ाने की आयोग की कोशिश: बिहार में चुनाव में वोटिंग परसेंटेज काफी कम होता है और इसी को ध्यान में रखकर उस वर्ग को टारगेट किया गया है, जिन्हें वोट डालने में परेशानी होती है. बिहार राज्य निर्वाचन आयोग का इतिहास सफल रहा तो आने वाले विधानसभा चुनाव और अन्य चुनाव में भी भारत निर्वाचन आयोग प्रयोग कर सकता है. क्योंकि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में 60% से कम वोटिंग होती है, जो चुनाव आयोग के लिए बड़ा चैलेंज हैं.
क्या होती है ई-वोटिंग?: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग या ई-वोटिंग का मतलब है कि वोटर अपने घर से किसी अन्य देश से या मतदान केंद्र के कियोस्क से मतदान कर सकता है. बिहार नगरपालिका उपचुनाव के लिए एंड्रॉयड मोबाइल आधारित ई-वोटिंग लागू की गई है.
कैसे होगी ई-वोटिंग? : ई-वोटिंग ऐप के जरिए मतदान करने के लिए एंड्राइड मोबाइल जरूरी है. जिन मतदाताओं ने ई-वोटिंग के लिए पंजीकरण किया है, उन्हें मोबाइल पर एक ऐप डाउनलोड करना होगा. eVoting SECBHR और eVoting SECBIHAR ऐप सिर्फ रजिस्टर्ड मोबाइल में काम करेगा. एक विकल्प आयोग की वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध है, लेकिन वह केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से सक्रिय होगा. एक मोबाइल नंबर से अधिक से अधिक दो लोग (जैसे पति-पत्नी) मतदान कर सकेंगे.
ई-वोटिंग के समय कुछ सावधानियां: ई-वोटिंग के समय कुछ सावधानियां बरतें. केवल अपने निजी स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करें. रजिस्ट्रेशन और वोटिंग के लिए एक ही नंबर और फोन का इस्तेमाल करें. ओटीवी किसी से शेयर ना करें. अज्ञात लिंक या नकली वोटिंग ऐप पर भूलकर भी क्लिक ना करें. संदिग्ध गतिविधि की जानकारी आयोग को जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर (जानकारी ऊपर अंकित है) पर दें.


