Tuesday, April 7, 2026

Bihar: पहली बार पटना आने पर जेल क्यों गए विक्की कौशल? 13 साल पहले किस काम से आए? जानिए, कहानी स्टार की जुबानी

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Vicky Kaushal: विक्की कौशल ने कहा कि मैं दूसरी बार बिहार आया हूं और सच कहूं तो बिहार आकर सबसे पहले यदि किसी चीज़ का ख्याल आता है, तो वह है..

बॉलीवुड स्टार विक्की कौशल शनिवार दोपहर पटना पहुंचे। स्टार को देखकर बिहार में उनके फैंस झूम उठे। विक्की कौशल ने फैंस का धन्यवाद देते हुए कहा कि पटना वालों आपने तो गरदा उड़ा दिया। उन्होंने लिट्टी चोखा की जमकर तारीफ की। पटना में बाकरगंज स्थित मोना 70 मिमी सिनेमाज़ में आयोजित प्रेस मीट के दौरान कहा कि बिहार का स्वाद लिट्टी चोखा में ही है। विक्की ने कहा कि मैं दूसरी बार बिहार आया हूँ, और सच कहूं तो बिहार आकर सबसे पहले यदि किसी चीज़ का ख्याल आता है, तो वह है लिट्टी-चोखा। मुझे इसका स्वाद बेहद पसंद है। मैंने अपनी टीम से खासतौर पर कहा था कि छावा फिल्म के प्रमोशन के दौरान कुछ और करें या न करें, लेकिन लिट्टी-चोखा जरूर खाएंगे।

13 साल पहले कुछ और था, आज कुछ और हूंविक्की कौशल ने कहा कि जब मेरी फिल्म लाइफ की जर्नी शुरू हुई थी तो गैंग्स ऑफ वासेपुर में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर मैं 13 साल पहले पटना आया। आज एक्टर के तौर पर पटना आया है। 13 साल बाद आज कुछ और हूं। पहली बार पटना आया था तो मैं जेल गया था। विक्की ने जैसे ही यह बात कही उनके फैंस चौंक गए। विक्की ने फौरन कहा कि मतलब मैं किसी जुर्म में नहीं बल्कि फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में आया था। जेल में शूटिंग चल रही थी। उस वक्त मैं दो दिन पटना में रहा था। उस वक्त लिट्टी चोखा खाया तो मैं इसका फैन हो गया था। आज फिर आया सबसे पहले लिट्टी चोखा खाने का मन किया।

शेर नहीं रहा, लेकिन ‘छावा’ अभी भी जंगल में घूम रहा है विक्की ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, फिल्म ‘छावा’ छत्रपति संभाजी महाराज की जीवनगाथा है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उस इतिहास को सलाम है जिसने हमारे देश की संस्कृति को समृद्ध किया। इस किरदार को निभाना मेरे लिए गर्व की बात है। मुझे यकीन है कि यह फिल्म दर्शकों के दिलों को छुएगी। विक्की ने छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता को व्यक्त करने वाला डायलॉग भी बोला कि शेर नहीं रहा, लेकिन ‘छावा’ अभी भी जंगल में घूम रहा है। फाड़ देंगे मुगल सल्तनत की छाती, यदि मराठा साम्राज्य के विरुद्ध सोचने की जुर्रत की। हम शोर नहीं करते, सीधा शिकार करते हैं।

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