शिक्षा विभाग के शिक्षक स्थानांतरणों में गड़बड़ी सामने आई है। छात्र-शिक्षक अनुपात के बजाय, कई शिक्षकों को मिशनरी स्कूलों और मदरसों में स्थानांतरित किया गया है, जहाँ वे पढ़ा नहीं सकते। कुछ को पसंद के बजाय दूर के विद्यालय मिले, जिससे वे परेशान हैं। विभाग ने 30 जून तक नए स्कूल में योगदान न देने पर पुराने स्कूल में रहने की छूट दी है, पर एक साल तक स्वैच्छिक स्थानांतरण नहीं मिलेगा।
बेतिया। शिक्षा विभाग की तरफ से किए गए शिक्षकों के स्थानांतरण में गड़बड़ी का मामला सामने आ रहा है। मुख्यालय से जारी निर्देश में कहा गया था कि सभी स्थानांतरण छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर ही होंगे, ताकि जरूरत के अनुसार शिक्षकों की तैनाती हो सके, लेकिन जिले के सरकारी विद्यालयों में हाल में हुए शिक्षक तबादले को लेकर तमाम तरह की विसंगतियां उजागर होने लगी हैं।
एक तरफ तबादले के बाद विद्यालयों में शिक्षक योगदान कर रहे हैं तो दूसरी तरफ शिक्षकों के अजीबोगरीब तबादले को लेकर कुछ शिक्षक शिक्षा विभाग की चक्कर काटने लगे हैं। शिक्षकों का तबादला मिशनरी और मदरसा तक में कर दिया गया है। जहां इन शिक्षकों का तबादला नहीं होना चाहिए था वहां पर शिक्षकों का तबादला होने से अब संस्थान भी परेशान है।
कुछ शिक्षकों का तबादला चनपटिया के मिशनरी विद्यालयों में कर दिया गया है इन विद्यालयों में सीधे सरकारी शिक्षक जाकर नहीं पढ़ाई करा सकते हैं। इधर, कुछ शिक्षकों का तबादला मदरसा में हो जाने के कारण शिक्षक से लेकर मदरसा प्रशासन तक चिंतित है। इनमें बगहा-2 में पढाने वाली शिक्षिका प्रीति कुमारी भी शामिल है इनका भी तबादला मझोलिया के मदरसा में कर दिया गया है। वही भुवन भास्कर का यही हाल है।
मांगे गए ऑप्शन में कई शिक्षकों को नहीं मिला विद्यालय
कई शिक्षकों का मांगे गए ऑप्शन में से एक विद्यालय में भी पोस्टिंग नहीं किया गया है, बल्कि दूरी वाले विद्यालय आवंटित कर दिये गए हैं, जिसके कारण शिक्षक आक्रोश व्यक्त करते हुए परेशान हैं। शिक्षकों को मनचाही पोस्टिंग देने के लिए 10 च्वाइस वाले विद्यालय देने थे, जिसमें बीमारी, पति-पत्नी की पोस्टिंग और च्वाइस के आधार पर होनी थी।
30 जून तक योगदान नहीं तो उनका तबादला आदेश होगा रद
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के ट्रांसफर पर नया आदेश जारी किया है। विभाग ने कहा है कि जिन शिक्षकों का तबादला हुआ है, वे चाहें तो अपने पुराने स्कूल में ही रह सकते हैं। नए स्कूलों में योगदान नहीं देने वाले शिक्षकों का अगले एक साल तक ऐच्छिक स्थानांतरण नहीं होगा। ऐसे शिक्षक एक साल तक ट्रांसफर के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। 30 जून तक सभी को नए स्कूल में ज्वाइनिंग करने को कहा गया है। अगर वे योगदान नहीं देंगे तो उन्हें पुराने स्कूल में ही ड्यूटी करनी होगी।
शिक्षकों के तबादले में जो भी भी संगतिया आई हैं। शिकायत मिलने पर उसका निराकरण किया जाएगा। सेंट्रलाइज्ड तबादला किया गया है। इस कारण ऐसे कुछ मामले सामने आ रहे हैं। मामले में कार्रवाई की जाएगी।


