नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दूसरे दिन एक बड़ी घोषणा की गई. बेंगलुरु की भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Bharat1.AI ने भारत का पहला “ह्यूमैनिटी-फर्स्ट AI सिटी” बनाने का ऐलान किया है. यह प्रोजेक्ट बेंगलुरु के सरजापुरा इलाके में विकसित किया जाएगा, जिसे B1 AI Superpark नाम दिया गया है.
कंपनी के मुताबिक, B1 AI Superpark सिर्फ एक टेक कैंपस नहीं होगा, बल्कि यह शहर के स्तर पर बनाया गया ai RESEARH और इनोवेशन हब होगा. यहां एजेंटिक एआई और फिज़िकल एआई सिस्टम को असली दुनिया के माहौल में टेस्ट, ट्रेन और वैलिडेट किया जाएगा. Bharat1.AI का कहना है कि भविष्य की एआई टेक्नोलॉजी सिर्फ इंटरनेट डेटा के भरोसे नहीं चल सकती, इसके लिए रियल-वर्ल्ड और स्ट्रक्चर्ड डेटा की जरूरत है.
B1 AI Superpark करीब 5 लाख वर्ग फुट में बनाया जाएगा. इसमें एक साथ 10,000 से ज्यादा एआई रिसर्चर्स, स्टार्टअप्स, यूनिवर्सिटी टीम्स और कॉरपोरेट पार्टनर्स काम कर सकेंगे. यह कैंपस 2026 के अंत तक पूरी तरह ऑपरेशनल हो सकते हैं. यहां हाई-डेंसिटी कंप्यूटिंग और बड़े सिमुलेशन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. इसके साथ-साथ यहां पर 400Gbps तक की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी दी जाएगी, जिससे AI मॉडल ट्रेनिंग और इनफेरेंस बेहद तेज हो सकेंगे.
इस प्रोजेक्ट की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि आज एआई सिस्टम तेजी से आम जिंदगी का हिस्सा बन रहे हैं. ऐसे में सेफ्टी, भरोसे और इंसानी मूल्यों के साथ तालमेल जैसे सवाल ज्यादा गंभीर हो गए हैं, जिसकी चिंता सरकार, यूज़र्स और एआई कंपनियों को भी है. Bharat1.AI का मानना है कि बिना सही वैलिडेशन के ऑटोनॉमस और फिजिकल AI को बड़े पैमाने पर लागू करना खतरनाक हो सकता है.
Superpark के पहले फेज में यूनिवर्सल बेसिक इंटेलिजेंस फ्रेमवर्क तैयार करने पर फोकस होगा. इसके साथ ही मल्टीमॉडल डेटा के जरिए सिटी-लेवल वर्ल्ड मॉडल बनाए जाएंगे. एजेंटिक AI सिस्टम्स को भारत की डिजिटल पहचान व्यवस्था जैसे – Aadhaar से जोड़ने पर भी रिसर्च की जाएगी.
इस मेगा प्रोजेक्ट में देश के कई बड़े संस्थान पार्टनर के तौर पर जुड़े हैं. इनमें IIT कानपुर की Airawat Research Foundation, IISc बेंगलुरु का SPARC सेंटर, IIT कानपुर का Wadhwani School of AI, BITS Pilani, iSPIRT Foundation और IIT Ropar शामिल हैं. ये सभी संस्थान मिलकर रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस इंफ्रास्ट्रक्चर और ह्यूमन-मशीन इंटरैक्शन पर काम करेंगे. Bharat1.AI का लक्ष्य साफ है कि भारत में ही ऐसे AI सिस्टम्स तैयार करने हैं, जो टेक्नोलॉजी के साथ-साथ समाज के लिए भी भरोसेमंद हों.


