सलमान खान का मोस्ट पॉपुलर टीवी रियलिटी शो बिग बॉस का 19वां सीजन शुरू हो चुका है. सलमान ने बीती 24 अगस्त की रात शो के सभी 16 कंटेस्टेंट्स का चेहरा दिखाकर शो का श्रीगणेश किया. इन 16 कंटेस्टेंट में से बस एक ही कंटेस्टेंट देसी छोरा है और वो है देसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, मृदुल तिवारी. इस देसी छोरे के लुक पर मत जाना. इसने 7 सालों की कड़ी मेहनत से खुद को करोड़पति बना लिया है और इसके घर के बाहर लग्जरी कारों की लाइन लगी हुई है. शो में मृदुल की एंट्री जनता के वोट के आधार पर हुई थी. मृदुल का मुकाबला बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट और पंजाबी स्टार शहनाज गिल के भाई शहबाज से था, जो इस रेस में हार गए. आइए जानते हैं इस मृदुल ठाकुर के बारे में.
यूपी के छोटे से गांव इटावा से आने वाले मृदुल की फैन फॉलोइंग जानने के बाद सलमान खान ने बिग बॉस 19 के ग्रैंड प्रीमियर में कहा था जलवा है भाई का. मृदुल एक पॉपुलर यूट्यूबर और डिजिटल क्रिएटर हैं. वह बिग बॉस 19 के घर में अपने देसी ह्यूमर और मजेदार कंटेंट से दर्शकों का मजा बांधने वाले हैं.
मृदुल का सफर यूट्यूब से शुरू हुआ था. साल 2018 में उन्होंने अपने पहला वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया था, जिसका टाइटल था सिस्टर बनाम गर्लफ्रेंड. पहला ही वीडियो वायरल हुआ और इस पर 43 लाख व्यूज आए. इसके बाद से मृदुल ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. मृदुल के यूट्यूब पर 19 मिलियन सब्सक्राइबर हैं और यह भारत में सबसे पॉपुलर यूट्यूब चैनल में से एक है. वहीं, इंस्टाग्राम पर मृदुल को 4.4 मिलियन यूजर्स फॉलो करते हैं.
मृदुल उत्तर प्रदेश के एक देसी लड़के हैं और आज भी वह अपनी इस सादगी से फैंस का दिल जीतते हैं. उनके वीडियो कंटेंट में मिडिल क्लास फैमिली के कल्चर, ड्रामा और वो छोटी-छोटी बातें नजर आती हैं, जो उनके रोजमर्रा जीवन में देखने को मिलती है. मृदुल का कंटेंट ज्यादा कॉमेडी से भरा होता है.
7 मार्च 2001 में जन्में मृदुल अभी 24 साल के हैं और उनके पास करोड़ों की संपत्ति है. रिपोर्ट्स की मानें तो, मृदुल की नेटवर्थ 61 करोड़ रुपये हैं. इसी के साथ वह एक लग्जरी लाइफ भी जीते हैं. उनके कार कलेक्शन पर नजर डालें तो इसमें लैंबोर्गिनी हरीकेन,पोर्श 718 बॉक्सस्टर, बीएमडब्ल्यू, मिनी कूपर, थार, स्कॉर्पियो शामिल हैं. इतने दौलतमंद होने के बाद भी मृदुल अपनी पर्सनल लाइफ को बहुत सीक्रेट रखते हैं.
बिग बॉस 19 में गए मुदुल ने कहा है कि अगर वह इस शो को जीत जाते हैं तो जीत की राशि को वह जनता की सेवा में खर्च करेंगे. इसमें वह शिक्षा और सैनिकों के हित में काम करेंगे और सारा इनाम जनता में बांट देंगे.


