राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहे बांग्लादेश में ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ चलाया जा रहा है। ढाका में उपद्रव और अशांति के माहौल के बीच सुरक्षा बलों ने बीते चार दिनों में 1300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। अंतरिम सरकार ने कहा है कि शांति भंग करने वाले सभी उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
बांग्लादेश में उपद्रव के कारण अंतरिम सरकार आलोचकों के निशाने पर है। ताजा घटनाक्रम में देश की अंतरिम सरकार ने दो टूक संदेश दिया है। सख्त कार्रवाई का संकल्प लेते हुए सरकार ने कहा है कि उपद्रवियों पर नरमी नहीं बरती जाएगी। उपद्रवियों और अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ चला रहे बांग्लादेशी सुरक्षाबलों ने अब तक 1308 लोगों को गिरफ्तार किया है। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि प्रशासन ने ‘सभी शैतानी तत्वों’ को उखाड़ फेंकने तक कार्रवाई जारी रखने की कसम खाई है।
शेख मुजीब के घर पर उपद्रव के बाद बिगड़े हालातगौरतलब है कि बीते सप्ताह ढाका के बाहरी इलाके में अवामी लीग के संस्थापक शेख मुजीब-उर-रहमान के आवास पर तोड़फोड़ और आगजनी की खबर आने के बाद शनिवार को अंतरिम सरकार ने शनिवार को ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ का आदेश दिया। पूर्व पीएम शेख हसीना के पिता के घर पर उपद्रव के बाद कई छात्र कार्यकर्ता घायल भी हुए।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भी हिंसा के कई मामलेबता दें कि बीते साल अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ जनाक्रोश चरम पर था। इस कारण हसीना को पद छोड़कर बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा। भारत सरकार के मुताबिक अगस्त से अब तक बांग्लादेश में 23 हिंदुओं की मौत हो चुकी है। साथ ही हिंदू मंदिरों पर हमले की 152 घटनाएं सामने आई हैं। नवंबर के अंतिम हफ्ते से 25 जनवरी के बीच बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हमलों की 76 घटनाएं हुई हैं। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों से संबंधित 88 मामलों में बांग्लादेशी पुलिस और प्रशासन ने 70 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ऐसी 1254 घटनाओं की पुष्टि कर चुकी है।



