Tuesday, February 24, 2026

Anthropic ने DeepSeek, Moonshot और MiniMax पर Claude से अवैध डिस्टिलेशन का आरोप लगाया.

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AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक नया विवाद गरमा गया है. अमेरिका की एक लोकप्रिय एआई कंपनी Anthropic ने DeepSeek, Moonshot AI और MiniMax पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि इन तीनों चीनी लैब्स ने उसके Claude मॉडल की क्षमताओं को अवैध तरीकों से निकालने की बड़े पैमाने पर कोशिश की है. आसान शब्दों में कहें तो अमेरिका की एआई कंपनी ने चीन की इन एआई कंपनियों पर उनके चैटमॉडल का डेटा और क्षमता को बड़े पैमाने पर चुराने का आरोप लगाया है. इस चोरी को कंपनी ने “industrial-scale distillation attack” बताया है, यानी एक ऐसी कलेक्टिव कोशिश, जिसमें एक पावरफुल एआई मॉडल के आउटपुट का यूज़ करके कम सक्षम मॉडल को तेजी से बेहतर बनाया जाता है.

एंथ्रोपिक ने अपने आधिकारिक ब्लॉग और एक्स (पुराना नाम ट्विटर) पर पोस्ट के जरिए कहा कि इन लैब्स ने 24,000 से ज्यादा फर्ज़ी अकाउंट्स बनाकर Claude के साथ 1.6 करोड़ से अधिक बातचीत की और उसके आउटपुट को चुराकर अपने मॉडल्स को बेहतर बनाया है. कंपनी का कहना है कि इन एक्सचेंज के जरिये Claude की कोडिंग, एजेंटिक रीजनिंग और टूल यूज जैसी एडवांस्ड क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से निकाला गया. Anthropic का आरोप है कि MiniMax ने सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाया. उसके 1.3 करोड़ से भी ज्यादा एक्सचेंजेस थे. तीनों लैब्स ने खासतौर पर कोडिंग, एजेंटिक रीज़निंग और टूल यूज़ पर फोकस और उन्हें व्यवस्थित रूप से निकाला, क्योंकि क्लाउड इन क्षेत्रों में सबसे आगे माना जाता है.

डिस्टिलेशन क्या है और विवाद कहां है?

कंपनी के अनुसार, ये कंपनियां, ‘Distillation’ की तकनीक का इस्तेमाल कर रही थीं, जिसका मतलब किसी मजबूत एआई मॉडल्स के जवाबों को लेकर उसे किसी कमज़ोर या छोटे एआई मॉडल्स में ट्रांसफर करना. एआई इंडस्ट्री में एआई कंपनियां इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके अपने ही बड़े एआई मॉडल्स से डेटा निकालकर अपना ही एक छोटा या कम क्षमताओं वाला एआई मॉडल बनाते हैं. हालांकि, एंथ्रोपिकत का कहना है कि दूसरों के मॉडल से ये करना चोरी है.

कंपनी के मुताबिक, इस तरह से दूसरों का डेटा चोरी करके अपना एआई मॉडल बनाने में कम समय और कम लागत में वो क्षमताएं हासिल की जा सकती हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से विकसित करने में सालों लग जाते हैं और भारी-भरकम कंप्यूट संसाधनों की जरूरत पड़ती है.

एंथ्रोपिक ने आगे चेतावनी दी है कि इस तरह की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और चोरी करने वाले लोग तेज और चतुर होते जा रहे हैं. कंपनी ने कहा कि, इन मामलों में कार्रवाई करने के लिए अब बहुत कम वक्त बचा है. कंपनी ने एआई इंडस्ट्री, पॉलिसी मेकर्स और पूरी ग्लोबल एआई कम्यूनिटी से इस मसले पर मिलकर काम करने की अपील की है.

Anthropic चीन में Claude की कमर्शियल एक्सेस उपलब्ध नहीं कराता. इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित लैब्स ने प्रॉक्सी सर्विसेज़ और तथाकथित “Hydra Cluster architectures” का इस्तेमाल किया, यानी एपीआई और थर्ड-पार्टी क्लाउड प्लेटफॉर्म पर फैले फर्जी अकाउंट्स के बड़े नेटवर्क के जरिए ट्रैफिक रूट किया गया.

सिर्फ चोरी नहीं, नेशनल सिक्योरिटी का भी खतरा

कंपनी का कहना है कि यह केवल आईपी चोरी का मामला नहीं है. पहला बड़ा जोखिम सुरक्षा से जुड़ा है. एंथ्रोपिक का दावा है कि उसके मॉडल में ऐसे गार्डरेल बनाए गए हैं, जो बायोवेपन डेवलपमेंट या साइबर अटैक्स जैसी खतरनाक गतिविधियों में दुरुपयोग को सीमित करते हैं. लेकिन अवैध रूप से डिस्टिल किए गए मॉडल इन सुरक्षा परतों को बरकरार नहीं रख पाते, जिसके कारण संवेदनशील क्षमताएं बिना किसी नियंत्रण के फैल सकती हैं.

कंपनी के मुताबिक, इस मामले में दूसरा मुद्दा अमेरिकी एक्सपोर्ट से जुड़ा है. अमेरिका चीन को एडवांस चिप्स के एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगा चुका है ताकि चीन के फ्रंटियर एआई डेवलपमेंट की स्पीड स्लो की जा सके. एंथ्रोपिक का तर्क है कि इस पैमाने पर डिस्टिलेशन चलाने के लिए भी भारी कंप्यूट की जरूरत होती है, इसलिए चिप कंट्रोल को मजबूत करने की जरूरत है.

एंथ्रोपिक ने अपने ब्लॉग में कहा कि विदेशी लैब्स अमेरिकी मॉडल्स की क्षमताएं निकालकर उन्हें सैन्य, इंटेलिजेंस और निगरानी करने वाले सिस्टम्स में शामिल कर सकती हैं. इस कारण कंपनी ने इस चोरी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता बताया है.

हालांकि, आरोप लगाने वाली कंपनी खुद भी विवादों से घिरी हुई है. इस कारण एक्स (पुरान नाम ट्विटर) और xAI के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने इस मामले पर तुरंत पलटवार किया. एलन मस्क ने एंथ्रोपिक पर ही निशाना साधते हुए अपने एक्स पोस्ट में लिखा, एंथ्रोपिक खुद ही बड़े पैमाने पर ट्रेनिंग डेटा चोरी करने का दोषी रहा है और उसके लिए उसे मल्टी-बिलियन डॉलर सेटलमेंट करना पड़ा. उनका इशारा एक कॉपीराइट मुकदमे की ओर था.

दरअसल, दिसंबर 2025 में एंथ्रोपिक ने लेखकों के साथ पहली बार एआई कॉपीराइट केस सेटल किया था. कंपनी पर 5 लाख किताबों की चोरी करके Claude ट्रेन करने का आरोप लगा था. इस केस को सेटल करने के लिए कंपनी को 1.5 बिलियन डॉलर का भुगतान भी करना पड़ा था.

OpenAI ने भी की शिकायत

Anthropic अकेली कंपनी नहीं है जिसने यह आरोप लगाया हो. OpenAI ने भी कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी सांसदों से यही शिकायत की थी कि चीनी कंपनियां यूएस फ्रंटियर लैब्स के काम पर फ्री-राइड कर रही है. ओपनएआई ने भी अमेरिका के सांसदों से शिकायत करते हुए कहा था कि चीनी कंपनियां डिस्टिलेशन तकनीक के जरिये अमेरिकी फ्रंटियर लैब्स की क्षमताओं का फायदा उठा रही हैं. DeepSeek तब सुर्खियों में आया था जब उसका कम लागत वाला जनरेटिव एआई मॉडल ChatGPT जैसी परफॉर्मेंस दिखाता नजर आया. कम लागत वाले डीपसीक के लॉन्च होने के बाद एआई इंडस्ट्री में अमेरिका के वर्चस्व वाले दावे पर सवाल खड़े कर दिए थे.

बहरहाल, इस मामले में एक और खास एंगल है, जिसे जानना भी जरूरी है. दरअसल, 23 फरवरी 2026 को ही Axios ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने एंथ्रोपिक के सीईओ Dario Amodei को पेंटागन बुलाया. यह कोई रूटीन मीटिंग नहीं थी,बल्कि Claude को मिलिट्री इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से खोलने पर जोर देने के लिए थी. इस साल की शुरुआत में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की मिलिट्री ने Claude का इस्तेमाल करके वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolas Maduro को पकड़ने में मदद ली. हालांकि, एंथ्रोपिक ने इसे कन्फर्म नहीं किया.

जियो-पॉलिटिकल गेम बना एआई!

इन सभी मामलों को जानने और समझने पर एक बात तो पक्के तौर पर समझ आती है कि अब दुनिया की बड़ी-बड़ी एआई कंपनियां सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं रह गई हैं, बल्कि वो जियो-पॉलिटिकल गेम का हिस्सा भी बन चुकी हैं और काफी तेजी से बनती जा रहीं हैं.

अब देखना होगा कि ये आरोप-प्रत्यारोप कितने आगे जाते हैं और एआई की इस रेस में अमेरिका और चीन के बीच क्या-क्या होता है. हालांकि, आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए सरकारें और एआई कंपनियां मिलकर कोई ठोस स्ट्रक्चर तैयार कर पातीं है या एआई की रेस में टकराव की ऐसी स्थितियां बनती रहेंगी.

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