दुनिया भर में साइबर अटैक्स का खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है और यह जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक ने एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने अपने सबसे पावरफुल एआई मॉडल Mythos का एक्सेस दुनिया भर की लगभग 150 संस्थाओं को दे दिया है. यह वही मॉडल है, जो कंप्यूटर सिस्टम में सुरक्षा की खामियां ढूंढने में इंसानी एक्सपर्ट्स से भी आगे निकल जाता है.
अप्रैल की शुरुआत में जब एंथ्रोपिक ने Mythos का टेस्ट किया तो उसके नतीजे काफी चौंकाने वाले थे. मॉडल ने बेहद कम समय में हजारों सुरक्षा कमज़ोरियां पकड़ लीं. यही देखकर कंपनी ने सोचा कि अगर यह टेक्नोलॉजी गलत हाथों में पड़ गई, तो नुकसान कितना बड़ा हो सकता है. इस कारण शुरुआत में सिर्फ 50 भरोसेमंद पार्टिशिपेंट्स को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है, जिसे Project Glasswing नाम दिया गया.
10,000 से ज्यादा खतरनाक बग्स पकड़े
शुरुआती पार्टिशिपेंट्स में Amazon, Google, Nvidia, Apple और Microsoft जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के साथ-साथ CrowdStrike और Palo Alto Networks जैसी साइबर सुरक्षा फर्में भी शामिल थीं. मई के अंत तक इन कंपनियों ने Mythos की मदद से 10,000 से ज्यादा गंभीर सुरक्षा खामियां को एक्सपोज़ किया, जिन्हें हैकर्स बड़े अटैक्स के लिए इस्तेमाल कर सकते थे. यह संख्या इस बात का सबूत है कि Mythos की क्षमता कितनी असाधारण है.
अब एंथ्रोपिक ने अपने इस कार्यक्रम को 15 से भी ज्यादा देशों तक फैला दिया है. नए पार्टिशिपेंट्स में बिजली ग्रिड, वाटर सप्लाई सिस्टम, अस्पताल, दूरसंचान नेटवर्क और हार्डवेयर निर्माता शामिल हैं. ये वो क्षेत्र हैं, जिन पर करोड़ों आम नागरिकों की डेली-लाइफ के काम निर्भर करते हैं. एंथ्रोपिक का कहना है कि इनमें से किसी एक पर भी सफल साइबर हमला 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित कर सकता है.
यूरोपीय आयोग ने भी पुष्टि की है कि ईयू की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ENISA को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल होने का न्यौता मिला है. इस बीच एंथ्रोपिक ने IPO के लिए भी गोपनीय रूप से आवेदन कर दिया है, जो कंपनी के बढ़ते कद को दर्शाता है.


