रैम (RAM) की कीमतों में लगातार काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिसने स्मार्टफोन मार्केट को पूरी तरह से हिला दिया है. एआई कंपनियां मेमोरी को इतनी तेजी से खरीद रही हैं कि कंज्य़ूमर लेवल पर भी इसका साफ तौर पर असर दिखने लगा है. बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन्स को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि इनकी लागत बढ़ रही है. हालांकि, स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां इस संकट से बचने के लिए अपना दिमाग लगा रही हैं. वो कई ऐसे चालाकी भरे कदम उठाने जा रही हैं, जिससे यूज़र को बजट और मिड-रेंज फोन महंगे न लगे और रैम की बढ़ती कीमत का असर इस रेंज की फोन्स की बिक्री पर न पड़े.
चीन के एक लोकप्रिय और अनुभवी लीकर्स ने हाल ही में वीबो पर खुलासा किया है कि 2026 में काफी कुछ बदलने वाला है. डिजिटल चैट स्टेशन नाम के इस लीकर्स ने बताया कि अब 8GB RAM के साथ 512GB स्टोरेज वाले फोन्स वापस मार्केट में आने वाले हैं. यह कॉन्फिगरेशन पहले लगभग गायब हो गया था, लेकिन अब मिड टियर फोन्स में इसे फिर से शामिल किया जाएगा. इसका कारण बिल्कुल साफ है कि रैम अब फोन की कुल उत्पादन लागत का एक बड़ा हिस्सा बन चुकी है. काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट कहती है कि एक सामान्य फोन में रैम और स्टोरेज मिलाकर पहले 25% लागत लेते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.

AI की वजह से नए जमाने में आएगा पुराने डिज़ाइन्स का मज़ा! (Image Credit: Weibo/Digital Chat Station)
लीक पोस्ट के मुताबिक, एक और अच्छी खबर है कि अब फोन्स में हाइब्रिड सिम स्लॉट की भी वापसी होने वाली है. इसमें या तो सिम या माइक्रोएसडी कार्ड लग सकता है, जिससे स्टोरेज सस्ते तरीके से बढ़ाया जा सकेगा, जैसा कि पुराने जमाने के फोन्स में हुआ करता था. स्टोरेज की कीमतें भी बढ़ रही है इसलिए यह विकल्प यूज़र के लिए राहत की ख़बर हो सकती है.
इसके अलावा इस साल यानी 2026 में प्लास्टिक फ्रेम और ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट स्कैनर की भी वापसी हो सकती है. डिजिटल चैट स्टेशन के मुताबिक चीन में तीन हजार युआन वाले सेगमेंट में प्लास्टिक फ्रेम और ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट स्कैनर को वापस लाने की उम्मीद है. ऐसे में आप भारत में इस रेंज की कीमत वाले फोन्स का अंदाजा लगा सकते हैं. इस तरह के बदलाव Oppo Reno, OnePlus Ace और Samsung Galaxy A Series में देखने को मिलेंगे.
वॉटरड्रॉप नॉच वाले फोन
दूसरी तरफ यूज़र्स के लिए एक निराशाजनक बात यह है कि अब स्मार्टफोन मार्केट में कुछ महंगे फोन्स में 90Hz वाली स्क्रीन और वॉटरड्रॉप नॉच वाला डिज़ाइन वापस आने वाला है, जो करीब एक दशक पुराने फोन्स में देखने को मिला करता था. इन सभी ख़बरों को जानने के बाद ऐसा लगता है कि भविष्य में लॉन्च होने वाले मिडरेंज स्मार्टफोन अब पहले जितना वैल्यू फॉर मनी नहीं होंगे. इस कारण अब नया फोन खरीदते वक्त सिर्फ ब्रांड या कैमरा पर नहीं बल्कि स्पेक्स और कीमत दोनों पर गौर करना जरूरी होगा.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनियां फ्लैगशिप फोन्स में भी हाइब्रिड स्लॉट दे सकती है. यह साल स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए काफी मुश्किल भरा होने वाला है, लेकिन हाइब्रिड स्लॉट की वापसी जैसे बदलाव उनके लिए कुछ राहत की ख़बर जरूर बनेंगे.


