Wednesday, July 29, 2026

Gen-AI से बदलेगा भारत में रोजगार का स्वरूप, गोल्डमैन सैक्स रिपोर्ट में 12% नौकरियों पर असर का अनुमान.

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नई दिल्ली: जेनेरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Gen-AI) के बढ़ते इस्तेमाल से भारत के रोजगार क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वैश्विक वित्तीय संस्था गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में खेती से इतर क्षेत्रों में काम करने वाले करीब 8 से 12 प्रतिशत कर्मचारियों के काम पर एआई का सीधा प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि रिपोर्ट का कहना है कि इससे बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने की संभावना नहीं है, बल्कि काम करने के तरीकों में बदलाव आएगा।

एआई बनेगा कर्मचारियों का सहयोगी

रिपोर्ट में बताया गया है कि Gen-AI मुख्य रूप से दोहराए जाने वाले और नियमित कार्यों को आसान बनाएगा। इससे कर्मचारियों का समय बचेगा और वे अधिक रचनात्मक, रणनीतिक और जटिल जिम्मेदारियों पर ध्यान दे पाएंगे। वहीं, जिन क्षेत्रों में शारीरिक श्रम की जरूरत होती है, वहां एआई का प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।

गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के मुताबिक, करीब 42 से 48 प्रतिशत कर्मचारियों के काम में एआई सहायक की भूमिका निभा सकता है और उनकी कार्यक्षमता बढ़ा सकता है।

जटिल कार्य भी ऑटोमेशन के दायरे में आ सकते हैं

यदि भविष्य में एआई तकनीक और अधिक उन्नत होकर वित्तीय विश्लेषण, नियमों की समीक्षा और डेटा प्रोसेसिंग जैसे जटिल कार्य करने लगे, तो लगभग 13 से 15 प्रतिशत काम स्वचालित प्रणाली के जरिए किए जा सकते हैं।

सेवा क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर की संभावना

रिपोर्ट के अनुसार, Gen-AI का प्रभाव सबसे अधिक सर्विस सेक्टर में देखने को मिल सकता है। शिक्षा, मीडिया, वित्तीय सेवाओं और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में काम करने के तरीकों में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

  • कार्यालयों में क्लेरिकल और सपोर्ट भूमिकाओं से जुड़े करीब 3 प्रतिशत कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
  • प्रोफेशनल सेवाओं में भी लगभग 3 प्रतिशत कामकाज के स्वरूप में बदलाव संभव है।
  • सेल्स और सर्विस क्षेत्र में करीब 2 प्रतिशत तथा तकनीकी क्षेत्रों में लगभग 1 प्रतिशत तक प्रभाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में एआई रूटीन गणना, डेटा विश्लेषण और सामान्य प्रक्रियाओं को तेज कर सकता है। इससे कर्मचारियों की भूमिका अधिक विश्लेषणात्मक और निर्णय आधारित हो सकती है।

शारीरिक श्रम वाले क्षेत्रों में बढ़ सकते हैं अवसर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे क्षेत्र जहां मानव उपस्थिति और हाथ से किए जाने वाले काम की जरूरत होती है, वहां रोजगार के अवसर बने रहेंगे। कुछ क्षेत्रों में नौकरियों में वृद्धि की संभावना भी जताई गई है।

अनुमान के मुताबिक:

  • शारीरिक श्रम आधारित कार्यों में करीब 4 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।
  • कारीगरों और ट्रेड से जुड़े कामों में लगभग 3 प्रतिशत बढ़ोतरी संभव है।
  • मशीन संचालन और प्लांट से जुड़े क्षेत्रों में करीब 2 प्रतिशत तक नए अवसर बन सकते हैं।

भविष्य की नौकरियों में कौशल की होगी अहम भूमिका

रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि Gen-AI इंसानों की जगह पूरी तरह लेने के बजाय उनके काम को बेहतर बनाने वाला उपकरण बन सकता है। आने वाले समय में कर्मचारियों के लिए नई तकनीक सीखना और अपने कौशल को अपडेट करना रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

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