रांची: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) और बासुकीनाथ धाम (दुमका) में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला-2026 को लेकर झारखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत सुरक्षा एवं सतर्कता संबंधी निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, कांवर यात्रा मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिहार पुलिस के साथ समन्वय भी स्थापित किया गया है।
30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा मेला
श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक आयोजित होगा। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के देवघर और बासुकीनाथ पहुंचने की संभावना है। पुलिस के अनुसार, 3, 10, 17 (नाग पंचमी) और 24 अगस्त को पड़ने वाले सावन के सोमवारों पर विशेष रूप से अत्यधिक भीड़ रहने का अनुमान है। वहीं, 29 जुलाई को झारखंड प्रवेश द्वार (दुम्मा) पर होने वाले उद्घाटन समारोह के दौरान भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
105 किलोमीटर कांवर पथ पर रहेगी विशेष निगरानी
श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचते हैं। इस पूरे मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, गश्ती दल और जांच चौकियां तैनात की जाएंगी। मार्ग में पड़ने वाले संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए व्यापक दिशा-निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित जिलों को निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं—
- कांवरिया मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल और नियमित गश्त।
- संवेदनशील क्षेत्रों और गांवों में असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी।
- प्रमुख स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित कर वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच।
- अंधेरे स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था।
- मंदिर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी।
- श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, चिकित्सा और एंबुलेंस की उपलब्धता।
- महिलाओं की सुरक्षा तथा छेड़छाड़ और छिनतई की घटनाओं पर विशेष नजर।
- खोया-पाया केंद्रों की स्थापना और बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम।
- सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई।
- संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं की लगातार निगरानी।
- होटल, धर्मशाला और विश्राम स्थलों का सुरक्षा सत्यापन।
- खाद्य पदार्थों में मिलावट और अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान।
- बारिश और भीड़ के दौरान स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान।
पुरानी घटनाओं से लिया गया सबक
पुलिस मुख्यालय ने पूर्व वर्षों में श्रावणी मेले के दौरान हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इनमें वर्ष 2015 की भगदड़, जिसमें कई श्रद्धालुओं की जान गई थी, मंदिर परिसर में चोरी-छिनतई की घटनाएं, भीड़ प्रबंधन की चुनौतियां तथा बासुकीनाथ और देवघर क्षेत्र में हुई अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाएं शामिल हैं।
सभी विभागों के समन्वय पर जोर
प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला जैसे विशाल धार्मिक आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन, विद्युत, नगर निकाय और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर सुविधाएं इस वर्ष की तैयारियों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं।


