Saturday, April 18, 2026

जम्मू कश्मीर से सेना का एके 47 चुरा कर रांची लाया गया. इसी हथियार से डबल मर्डर को अंजाम दिया गया.

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रांची: नगड़ी थाना क्षेत्र में हुए डबल मर्डर का रिकॉर्ड समय मे खुलासा कर लिया है. इस हत्याकांड के लिए जम्मू कश्मीर से सेना का एके 47 रांची लाया गया था. हत्याकांड में भारतीय सेना का एक जवान इस कांड का मुख्य आरोपी है. इसने अपनी जमीन पाने के लिए एके 47 से गोलियां चला कर दो लोगों की हत्या कर दी.

ब्लाइंड केस था डबल मर्डर

बीते मंगलवार यानी 4 फरवरी 2025 की रात नगड़ी में एक ऐसी वारदात हुई. इसने रांची पुलिस को हिला कर रख दिया. मंगलवार को रिश्ते में चाचा भतीजा लगने वाले बुधराम और मनोज की गोली मारकर हत्या कर दी गई. जानकारी मिलने पर रांची एसएसपी ने इस कांड को एक चुनौती के रूप में लिया और कांड के मुख्य आरोपी भारतीय सेना के 47 आर आर बटालियन के जेनरल ड्यूटी सिपाही मनोहर टोप्पो और उसके दोस्त सुनील कच्छप को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के लिए जिस तरह की प्लानिंग की गई थी वो अपने आप मे बेहद चौंकाने वाला है.

Ranchi Double Murder Case



छह महीने पहले ही चोरी कर लिया एके -47

रांची के सीनियर एसपी चन्दन कुमार सिन्हा ने बताया की भारतीय सेना के जवान मनोहर टोपनो ने बुधराम की हत्या करने का मन 2024 में बना लिया था. मनोहर ने इसके लिए सबसे पहले भारतीय सेना के कुपवाड़ा कैम्प से सेना के ही दूसरे जवान नायक राकेश कुमार का एके 47 राइफल चुरा लिया. फिर रांची से अपने दोस्त सुनील कच्छप को हवाई जहाज से जम्मू कश्मीर बुलाया उसके बाद चोरी का एके 47 उसने जम्मू बस स्टैंड पर सौप दिया. सुनील एके 47 लेकर दिल्ली से पटना, मुजफरपुर होते हुए बस से रांची पहुंचा. इसके बाद उसने एके 47 राइफल को अपने घर में छिपा दिया. 13 जनवरी 2025 को मनोहर एक महीने की छुट्टी लेकर रांची आया और लगातार बुधराम की रेकी की, 4 फरवरी 2025 को मनोहर को मौका मिल गया और उसने अपने चार दोस्तों के साथ बुधराम के सीने में एके 47 की गोलियां उतार दी. बुधराम को मारने के दौरान जब मनोज मुंडा आर्मी जवान की तरफ दौड़ा तो उसे भी एके 47 से भून दिया गया.

Ranchi Double Murder Case



राइफल जंगल मे गाड़ फरार

दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में लगी पुलिस को वारदात वाले स्थल से कुछ ऐसे सबूत हाथ लगे जिससे यह पता चल गया की इसमे मनोहर का हाथ है. हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मनोहर और उसके दोस्तों ने एक-47 राइफल को इटकी के घने जंगलों में जमीन के नीचे गाड़कर छिपा दिया था. पकड़े जाने पर राइफल कहां छिपाया गया है, इसकी जानकारी मनोहर ने पुलिस को दी जिसके बाद राइफल बरामद किया गया.

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