Friday, July 10, 2026

कोडरमा में पर्यावरण बदलाव और अवैध खनन के चलते सर्पदंश के मामले बढ़ रहे हैं।

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कोडरमा। पर्यावरण में हो रहे बदलाव, जंगलों में पेड़-पौधों की कमी और अवैध खनन के कारण वन्यजीवों की आबादी प्रभावित हो रही है। इसके परिणामस्वरूप, सर्पदंश की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले वर्ष, जिले में 200 से अधिक सर्पदंश के मामले सामने आए। 

कोडरमा में पर्यावरण बदलाव और अवैध खनन के चलते सर्पदंश के मामले बढ़ रहे हैं। सदर अस्पताल और सभी सीएचसी में पर्याप्त एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है, और मरीजों को तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है।

  • बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके चलते सदर अस्पताल कोडरमा में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ को रेफर किया गया, जबकि कुछ की जान बचाई गई। 
  • सीएस डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को एंटी स्नैक वेनम का डोज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नैक वेनम की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। 
  • इसके अलावा शहर के कुछ निजी अस्पताल में भी एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। कोडरमा सदर अस्पताल में गिरिडीह, हजारीबाग और बिहार के नवादा जिले से भी सर्पदंश के मरीज इलाज के लिए आते हैं।

सर्पदंश के मामलों की संख्या

  • 2020: 96
  • 2021: 91
  • 2022: 138
  • 2023: 76
  • 2024: 48
  • 2025: 207
  • 2026: 56, जून माह तक।

क्या है लक्षण

सांप के काटने के लक्षणों में दर्द, सूजन, ऐंठन, मतली, उल्टी, और अन्य गंभीर समस्याएं शामिल हैं। ऐसे में तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना आवश्यक है।

सर्पदंश की घटनाएं अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में होती हैं, जहां लोग जमीन पर सोते हैं या अंधेरे में शौच के लिए जाते हैं। लोग झाड़ फूंक ओझा-गुणी में समय बर्बाद करते हैं। ऐसे में समय पर इलाज न मिलने से कई बार जान चली जाती है। सांप के जहर को फैलने में 3-4 घंटे का समय लगता है, और सभी सांप जहरीले नहीं होते। कोडरमा सदर अस्पताल में लगभग 450 वायल एंटी स्नैक वैक्सीन उपलब्ध हैं। – डॉ. रंजीत कुमार, अस्पताल उपाधीक्षक, कोडरमा

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