भारतीय शेयर बाजार में इस साल का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू (IPO) दस्तक देने जा रहा है. देश की दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनी, SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने बुधवार देर रात अपना रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) फाइल कर दिया है. कंपनी इस आईपीओ के जरिए बाजार से ₹11,693 करोड़ जुटाने की तैयारी में है. यह इस साल का पहला ऐसा आईपीओ होगा जिसका साइज 1 अरब डॉलर (1 Billion USD) से अधिक है.
आईपीओ की तारीखें और प्राइस बैंड
SBI फंड्स का यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14 जुलाई को खुलेगा. कंपनी ने इसके लिए ₹545 से ₹574 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. दिलचस्प बात यह है कि प्राइस बैंड तय होने से पहले ही अनलिस्टेड (ग्रे) मार्केट में इसके शेयर करीब ₹830 पर ट्रेड कर रहे थे. यदि शेयर ₹574 के ऊपरी प्राइस बैंड पर अलॉट होते हैं, तो लिस्टिंग के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैप लगभग ₹1.17 लाख करोड़ हो जाएगा.
पूरी तरह ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है इश्यू
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है. इसका मतलब है कि प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं और सारा पैसा उन्हीं के पास जाएगा, कंपनी को कोई नया फंड नहीं मिलेगा:
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): अपनी 6.3% हिस्सेदारी के तहत 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा.
- अमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi): अपनी 3.7% हिस्सेदारी के तहत 7.56 करोड़ शेयर बेचेगी.
- वर्तमान में इन दोनों प्रमोटर्स के पास कंपनी की कुल 98% हिस्सेदारी है.
बाजार की गिरावट का टाइमलाइन पर असर नहीं
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के कारण वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ी है, जिससे भारतीय शेयर बाजार (सेंसेक्स-निफ्टी) भी बुधवार को 2% से ज्यादा टूट गया. इसके बावजूद कंपनी के हौसले बुलंद हैं.
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा, “बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन हमारी कंपनी पर निवेशकों का भरोसा मजबूत है. यदि बाजार की स्थिति इससे भी ज्यादा खराब होती, तब भी हम तय समय पर ही आईपीओ लाते.” उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आईपीओ से कंपनी के कामकाज में और पारदर्शिता आएगी.
मजबूत फाइनेंशियल और टाइमलाइन
SBI फंड्स देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जो 1.8 करोड़ निवेशकों की ₹29 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति (AUM) का प्रबंधन करती है. इसके वित्तीय आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं:
- वित्तीय प्रदर्शन (FY26): कंपनी का रेवेन्यू 22% बढ़कर ₹4,390 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर ₹3,067 करोड़ तक पहुंच गया है.
- अलॉटमेंट और लिस्टिंग: आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट 18 जुलाई को तय होगा और कंपनी के शेयर 21 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे.


