पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) अब मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ऑनलाइन जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएगा। इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले पटना जिले के 10 मॉडल स्कूलों से की जाएगी।
इसके लिए बिहार बोर्ड ने जिला शिक्षा कार्यालय (डीईओ) से चयनित विद्यालयों की सूची मांगी है।
10 मॉडल स्कूलों का होगा चयन
डीईओ कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, चयनित 10 मॉडल स्कूलों की सूची जल्द ही बिहार बोर्ड को भेज दी जाएगी।
फिलहाल इन विद्यालयों में कक्षा नौवीं में नामांकन लिया गया है। वर्ष 2027 में ये छात्र 10वीं कक्षा में पहुंचेंगे। भविष्य में मॉडल स्कूलों का विस्तार 12वीं तक करने की भी योजना है।
दूसरे स्कूलों के छात्रों को भी मिलेगा लाभ
बिहार बोर्ड की ओर से तैयार किए जाने वाले अध्ययन सामग्री (स्टडी मटेरियल) का लाभ केवल मॉडल स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे अन्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।
यदि यह योजना सफल रहती है, तो इसे धीरे-धीरे अन्य मॉडल स्कूलों और माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा।
बोर्ड की निशुल्क कोचिंग का भी मिलेगा फायदा
बिहार बोर्ड पहले से 50 छात्र और 50 छात्राओं के लिए निशुल्क आवासीय कोचिंग संचालित कर रहा है। इस कोचिंग में उपयोग होने वाले अध्ययन सामग्री और संसाधनों का लाभ भी मॉडल स्कूलों के विद्यार्थियों को दिया जाएगा, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकें।
IIT कानपुर और PW समेत कई संस्थानों से सहयोग
पटना जिले के 23 प्रखंडों के मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए 16 संस्थानों और एनजीओ से बातचीत चल रही है।
इनमें IIT कानपुर, फिजिक्स वाला (PW), उदयन, एडोब एक्सप्रेस, पिरामल फाउंडेशन और अन्य संस्थानों ने सहयोग के लिए सहमति दी है।
शाम 5 से 8 बजे तक चलेगी विशेष कोचिंग
जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, स्कूल की नियमित पढ़ाई समाप्त होने के बाद शाम 5 बजे से 8 बजे तक विशेष कोचिंग कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था इसी महीने से शुरू करने की तैयारी है, जिससे सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर मिल सके।


