रांचीः भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रांची और पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) ने फ्लाई ऐश और उससे बनने वाले उत्पादों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक पहल की है. इस दिशा में दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस पहल का उद्देश्य फ्लाई ऐश के बेहतर उपयोग के माध्यम से सतत विकास, नवाचार और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना है.
- एमओयू का आदान-प्रदान आईआईएम रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव और पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एके सहगल ने किया. इस साझेदारी के तहत आईआईएम रांची, पीवीयूएनएल के ताप विद्युत संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश के वर्तमान उपयोग का विस्तृत अध्ययन करेगा और उसके प्रभावी और व्यावसायिक उपयोग के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करेगा.
- परियोजना के तहत आईआईएम रांची पीवीयूएनएल की विभिन्न इकाइयों में फ्लाई ऐश के उपयोग को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगा. साथ ही फ्लाई ऐश और उससे बनने वाले उत्पादों के अधिकतम व्यावसायिक उपयोग के लिए एक समग्र व्यावसायीकरण मॉडल विकसित किया जाएगा. इसके अलावा इन उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और विज्ञापन रणनीति भी तैयार की जाएगी, ताकि बाजार में उनकी बेहतर पहचान और मांग सुनिश्चित हो सके. इस पहल से उद्योगों में फ्लाई ऐश आधारित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के अनुकूल संसाधन प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी.
- इस अवसर पर आईआईएम रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी से व्यवसाय और पर्यावरण से जुड़ी जटिल चुनौतियों के लिए नवाचारी समाधान विकसित किए जा सकते हैं. ऐसे सहयोग उद्योगों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने के साथ-साथ सतत विकास को भी गति देते हैं.
पीवीयूएनएल के सीईओ ने IIM रांची का दौरा किया
एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद पीवीयूएनएल के सीईओ एके सहगल ने आईआईएम रांची के अत्याधुनिक परिसर और विभिन्न सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया. उन्होंने संस्थान की शोध, नवाचार और कार्यकारी शिक्षा के क्षेत्र में विकसित हो रही क्षमताओं की सराहना की तथा भविष्य में इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई.


