नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं. अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के लिए काम कर रहा है. इससे भारत-अमेरिका रिश्तों में बढ़ती रफ्तार का पता चलता है, क्योंकि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देखने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं.
व्हाइट हाउस में IANS के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, रुबियो ने कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा की तैयारी के लिए साल के आखिर से पहले भारत का दौरा कर सकते हैं. रुबियो ने कहा, “मैं साल के आखिर से पहले खुद लौटने और अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति की यात्रा की तैयारी करने का इंतजार कर रहा हूं.”
यह पूछे जाने पर कि क्या ट्रंप का दौरा अगले साल हो सकता है, रुबियो ने जवाब दिया: “हम उम्मीद कर रहे हैं. हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं ताकि अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति दौरा कर सकें.”
रुबियो ने कहा कि हाल ही में फ्रांस में G7 समिट के दौरान ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक के बाद भारत-अमेरिका संबंध मजबूत स्थिति में हैं. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह शानदार चल रहा है. मेरा मतलब है, यह बहुत मजबूत है. प्रधानमंत्री के साथ हमारी बैठक बहुत अच्छी रही. राष्ट्रपति की G7 में बैठक अच्छी रही.”
- अमेरिकी विदेश सचिव ने दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को चल रही बातचीत को लेकर भी उम्मीद जताई. उन्होंने कहा, “हम एक ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहे हैं. हम इसे पूरा करने के आखिरी पड़ाव पर हैं, और यह बहुत सकारात्मक है.”
- रुबियो ने कहा कि अमेरिका जल्द ही क्वाड नेताओं की एक और बैठक का भी इंतजार कर रहा है. उन्होंने कहा, “हम बहुत जल्द एक और क्वाड मीटिंग में फिर से जुड़ने के लिए उत्सुक हैं.”
- भारत को अमेरिका के सबसे करीबी साझेदारों में से एक बताते हुए रुबियो ने कहा, “भारत अमेरिका का बहुत करीबी साझेदार और सहयोगी है, और प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच का रिश्ता इससे ज्यादा करीबी नहीं हो सकता, जो मुझे लगता है कि कूटनीति में बहुत जरूरी है.”
- राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछली बार फरवरी 2020 में भारत का दौरा किया था, जब उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अहमदाबाद में “नमस्ते ट्रंप” रैली को संबोधित किया था. इसके बाद ट्रंप और मोदी ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत की थी.
- दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप और मोदी नियमित रूप से फोन पर बातचीत कर रहे हैं क्योंकि दोनों देश ट्रेड, डिफेंस, टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक में सहयोग को मजबूत करना चाहती हैं.
अमेरिका और भारत भी जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड में अहम साझेदार हैं, और ये चारों देश क्षेत्रीय सुरक्षा, जरूरी टेक्नोलॉजी, मजबूत सप्लाई चेन और समुद्री सुरक्षा पर सहयोग बढ़ा रहे हैं. वॉशिंगटन और नई दिल्ली दोनों ने अपनी साझेदारी को 21वीं सदी के सबसे अहम रणनीतिक रिश्तों में से एक बताया है.


