पटना नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से 22 जून को स्वीकृत करने के बाद नई दरें बुधवार से लागू हो गयीं. इसके बाद निगम प्रशासन की ओर से इसका आदेश जारी किया गया है.
इस तरह सभी कैटेगरी-प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क और अन्य सड़क किनारे के आवासीय, व्यावसायिक और अन्य संपत्तियों के होल्डिंग टैक्स में प्रति वर्गफुट 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई. उदाहरण के लिए अगर कोई अपने मकान का सालाना होल्डिंग टैक्स 1000 रुपये देता था, उसे अब 1150 रुपये देने होंगे.
2021 में ही 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की दी गई थी सहमति
पटना नगर निगम में साल 1995 के बाद वार्षिक किराया मूल्य (एआरवी) में यह बढ़ोतरी की गई है. पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति और निगम बोर्ड ने साल 2021 में ही 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सहमति दी थी. बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 127 के अनुसार विभिन्न कैटेगरी की होल्डिंग के लिए प्रति वर्गफुट निर्मित क्षेत्र (बिल्डअप एरिया) का किराया मूल्य हर पांच साल में न्यूनतम 15 प्रतिशत बढ़ाया जाना अनिवार्य है. साथ ही राज्य सरकार पहले से स्वीकृति प्राप्त कर नगर निकाय पांच साल की अवधि के दौरान किसी भी समय किराया मूल्य और दरों में संशोधन कर सकता है. होल्डिंग टैक्स की दरें बढ़ने से निगम को अधिक राजस्व मिलेगा.
नगर निगम के राजस्व में हो सकेगी बढ़ोतरी
निगम प्रशासन ने बताया कि होल्डिंग टैक्स में बढ़ोतरी से पटना नगर निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी. यह बढ़ोतरी बिहार नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप की गई है. होल्डिंग टैक्स में बढ़ोतरी से प्राप्त संसाधनों का उपयोग शहरी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने, स्वच्छता, सड़क, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा. निगम ने कहा कि साल 2026-27 के लिए होल्डिंग टैक्स 30 जून तक एकमुश्त जमा करने पर पांच प्रतिशत छूट मिलेगी.


