रांची: युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने के उद्देश्य से पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की ओर से गुरुवार को राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
मैराथन को विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मैराथन के दौरान प्रतिभागियों ने नशा छोड़ो, स्वस्थ जीवन अपनाओ, युवा शक्ति देश की ताकत है और नशामुक्त झारखंड हमारा संकल्प है जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया. पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रेरित करना था.
इस अवसर पर विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर पूरे राज्य में नशा मुक्ति को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में नशा युवाओं के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है और इससे न केवल व्यक्ति बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है.

मंत्री ने कहा कि मोरहाबादी मैदान से शुरू हुई यह मैराथन केवल एक खेल गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संदेश देने का माध्यम है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें, खेल और रचनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएं तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें. उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से नशामुक्त समाज के निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा.

कार्यक्रम में मौजूद विभाग के निदेशक ने कहा कि मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए विभाग विभिन्न स्तरों पर अभियान चल रहा है. खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना समय की जरूरत है और इस दिशा में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है.

मैराथन के समापन पर प्रतिभागियों ने नशामुक्त झारखंड के निर्माण का संकल्प लिया. आयोजन के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला. विभाग का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है और समाज में नशे के खिलाफ एक मजबूत जनआंदोलन खड़ा किया जा सकता है.


