रांचीः झारखंड टी-20 क्रिकेट लीग (JT20) के पहले संस्करण का फाइनल मुकाबला जहां क्रिकेट के रोमांच और रिकॉर्ड भीड़ के लिए याद किया जाएगा. वहीं स्टेडियम के बाहर हुई अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति ने आयोजन पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं.
जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल में छोटानागपुर रॉयल्स ने जमशेदपुर स्टीलर्स को 7 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया. लेकिन मैच से पहले प्रवेश व्यवस्था चरमराने के कारण कई दर्शक घायल हो गए और कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
झारखंड टी-20 क्रिकेट लीग के फाइनल मुकाबले में जमशेदपुर स्टीलर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 180 रन बनाए. टीम की ओर से हर्ष राणा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों पर 64 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल थे.
181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी छोटानागपुर रॉयल्स की शुरुआत शानदार रही. कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मात्र 39 गेंदों में नाबाद 78 रन जड़ दिए. उनकी पारी में 3 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे. कुशाग्र की कप्तानी पारी के दम पर रॉयल्स ने 17.2 ओवर में 3 विकेट खोकर 184 रन बना लिए और 7 विकेट से जीत दर्ज करते हुए पहला JT20 खिताब अपने नाम कर लिया.
कुमार कुशाग्र को उनकी मैच विजेता पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और बेस्ट बैटर का पुरस्कार दिया गया. वहीं जमशेदपुर स्टीलर्स के अमन कुमार सिंह को 2 विकेट लेने के लिए बेस्ट बॉलर और हर्ष राणा को फाइटर ऑफ द मैच चुना गया.
स्कोर: फाइनल मैच
- जमशेदपुर स्टीलर्स – 180/8 (20 ओवर)
- छोटानागपुर रॉयल्स – 184/3 (17.2 ओवर)
पुरस्कार विजेता: फाइनल मैच
- प्लेयर ऑफ द मैच – कुमार कुशाग्र (78*)
- बेस्ट बैटर – कुमार कुशाग्र (78*)
- बेस्ट बॉलर – अमन कुमार सिंह (2 विकेट)
- फाइटर ऑफ द मैच – हर्ष राणा (64 रन)
पुरस्कार विजेता: ओवरऑल टूर्नामेंट
- प्लेयर ऑफ द फाइनल – कुमार कुशाग्र
- इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन – प्रत्युष कुमार (12 विकेट)
- प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट – विराट सिंह
- पर्पल कैप (सर्वाधिक विकेट) – प्रतीक रंजन (17 विकेट)
- ऑरेंज कैप (सर्वाधिक रन) – विराट सिंह (395 रन)
- सर्वाधिक चौके – विराट सिंह
- सर्वाधिक छक्के – उत्कर्ष सिंह
- कैच ऑफ द टूर्नामेंट – रॉबिन मिंज
फाइनल मैच देखने उमड़ी रिकॉर्ड भीड़
JT20 लीग के पहले सीजन का फाइनल होने के कारण क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. दोपहर से ही बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचने लगे. शाम होते-होते हजारों लोगों की भीड़ विभिन्न प्रवेश द्वारों पर जमा हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दर्शकों की संख्या आयोजकों के अनुमान से कहीं अधिक थी. जिसके कारण प्रवेश व्यवस्था पर अचानक दबाव बढ़ गया.
दर्शकों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्टेडियम में प्रवेश के लिए सीमित गेट खोले गए थे. रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने बताया कि दर्शकों के लिए एक ही गेट पर अधिक दबाव बनने के कारण भीड़ बढ़ गई और स्थिति असामान्य हो गई. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.
एसएसपी ने बताया कि वेस्ट गेट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर धक्का-मुक्की बढ़ने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. कई लोग गिर पड़े, जबकि कुछ दर्शकों को चोटें आईं. घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई लोगों ने कहा कि पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है और कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग तथा गेट को नुकसान पहुंचाने की भी सूचना मिली.
घायल दर्शकों को पहुंचाया गया अस्पताल
इस घटना में घायल हुए कई लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई. विभिन्न स्रोतों और एसएसपी के अनुसार 5 से 10 लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि दर्जन भर से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना मिली. घायलों को पारस अस्पताल समेत अन्य चिकित्सा केंद्रों में उपचार दिया गया.
सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया संदेश
इस घटना की जानकारी मिलते ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि एंबुलेंस को तत्काल मौके पर भेजा गया है और सभी घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
मंत्री ने कहा कि सिविल सर्जन और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं तथा अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है. उन्होंने लोगों से घबराने की आवश्यकता नहीं होने की बात कहते हुए आश्वस्त किया कि सभी घायलों का समुचित इलाज कराया जा रहा है.
आयोजन पर उठे सवाल
घटना के बाद दर्शकों ने आयोजन समिति और प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाए. कई लोगों का आरोप था कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले के लिए पर्याप्त प्रवेश द्वार, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की तैयारी नहीं की गई थी. हालांकि आयोजन समिति के सदस्य कमल ने कहा कि दर्शकों की संख्या अचानक बढ़ जाने के कारण कुछ समय के लिए स्थिति असामान्य हो गई थी. लेकिन सभी दर्शकों को बाद में सुरक्षित तरीके से स्टेडियम में प्रवेश दिलाया गया और कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ.
लोकप्रियता की मिसाल लेकिन सबक भी!
झारखंड टी20 क्रिकेट लीग के पहले संस्करण के फाइनल ने यह साबित कर दिया कि झारखंड में क्रिकेट को लेकर जबरदस्त उत्साह है. स्टेडियम के भीतर दर्शकों का उत्साह और मैदान पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन लीग की सफलता का प्रमाण रहा. हालांकि प्रवेश व्यवस्था में हुई चूक और भीड़ प्रबंधन की कमी ने भविष्य के आयोजनों के लिए कई सबक भी छोड़ दिए हैं. अब प्रशासन और आयोजन समिति पूरे मामले की समीक्षा कर रही है ताकि आने वाले बड़े खेल आयोजनों में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो.


