झारखंड के पहले दारोगा बैच ने 14 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर बोकारो में वर्षगांठ समारोह मनाया. कार्यक्रम में शहीद पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी गई. अधिकारियों ने देश और समाज की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और साथियों के बलिदान को याद किया.
झारखंड के पहले दारोगा बैच ने अपने सेवा काल के 14 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस अवसर पर सोमवार देर रात बोकारो के सेक्टर-1 स्थित हंस परिसर में 14वीं वर्षगांठ समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत शहीद पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई. समारोह में विभिन्न जिलों और इकाइयों में पदस्थापित इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता सेक्टर-4 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजय कुमार और सेक्टर-6 की इंस्पेक्टर संगीता कुमारी ने की. वहीं बीएस सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास, सेक्टर-12 के इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र सिंह, इंस्पेक्टर खुर्शीद आलम और यातायात इंस्पेक्टर नीतिश कुमार ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का संचालन किया.
शहीद साथियों को किया गया याद
समारोह के दौरान अधिकारियों ने कहा कि देश और समाज की सेवा ही उनकी पहली प्राथमिकता रही है और भविष्य में भी रहेगी. उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ से कभी समझौता नहीं किया गया और न ही आगे किया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि सेवा के दौरान शहीद हुए साथियों की कमी हमेशा महसूस होती रहेगी. उन्होंने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान सभी के लिए प्रेरणा है और उनके आदर्शों से प्रेरित होकर पुलिसकर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे.
2012 में निकली थी झारखंड की पहली दारोगा बहाली
कार्यक्रम में बताया गया कि बिहार से अलग राज्य बनने के बाद झारखंड सरकार ने वर्ष 2008 में पहली बार दारोगा बहाली की प्रक्रिया शुरू की थी और 2012 में पहली बहाली हुई थी. तीन चरणों की परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को हजारीबाग स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, जो वर्तमान में पुलिस अकादमी के रूप में विकसित हो चुका है, में प्रशिक्षण दिया गया था. करीब एक वर्ष के कठिन प्रशिक्षण के बाद इन अधिकारियों ने झारखंड के विभिन्न जिलों में योगदान दिया और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
कई अधिकारियों को मिले वीरता पदक, कई हुए शहीद
सेवा के दौरान पहले बैच के कई अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए गैलेंट्री पदक से सम्मानित किया गया. वहीं कई पुलिस अधिकारी कर्तव्य निभाते हुए शहीद भी हुए. सिमडेगा में विद्यापति सिंह और चाईबासा में अमित तिवारी नक्सली हमलों में शहीद हो गए. इसके अलावा हजारीबाग में संतोष सिंह, धनबाद में चंदन सिंह और पलामू में लालजी प्रसाद भी कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए. समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि शहीद साथियों की कमी हमेशा महसूस होगी, लेकिन उनके त्याग और समर्पण से नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों को प्रेरणा मिलती रहेगी.
कई पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह, इंस्पेक्टर आजाद खान, सार्जेंट मेजर प्रणव कुमार, सब-इंस्पेक्टर प्रभात कुमार, इंस्पेक्टर रोहित सिंह, सब-इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार, सार्जेंट सुरेन मुर्मू, इंस्पेक्टर दीपक कुमार, इंस्पेक्टर बिक्रम कुमार और इंस्पेक्टर राजेश टुडू समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे. समारोह के दौरान सभी अधिकारियों ने एकजुटता, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के साथ समाज और देश की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प भी दोहराया.


