Sunday, June 21, 2026

लोहरदगा में अंतिम संस्कार के विवाद को सुलझाने के लिए थाना प्रभारी ने शव को कंधा दिया.

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लोहरदगा: अंधविश्वास और सामाजिक विवाद के बीच लोहरदगा जिला के सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है. शव के अंतिम संस्कार को लेकर दो गांवों के बीच उत्पन्न तनाव को उन्होंने न केवल शांत कराया, बल्कि स्वयं शव को कंधा देकर श्मशान घाट तक पहुंचाया और अंतिम संस्कार संपन्न कराने में सहयोग किया.

शव का अंतिम संस्कार बन गया था विवाद का कारण

जिला में सेन्हा थाना क्षेत्र के अलौदी पंचायत अंतर्गत अलौदी गांव और भड़गांव पंचायत के पारही डांड़ी टोली के ग्रामीणों के बीच शव के अंतिम संस्कार को लेकर उत्पन्न विवाद को पुलिस की पहल से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया. इस दौरान थाना प्रभारी नीरज झा ने जो संवेदनशीलता दिखाई, वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है.

dispute regarding funeral resolved through police intervention in Lohardaga

शव को अपने-अपने क्षेत्र में जलाने का विरोध कर रहे थे ग्रामीण

सेन्हा थाना क्षेत्र के पारही डांड़ी टोली के एक व्यक्ति की दो दिन पूर्व मृत्यु हो गई थी. परिजन और ग्रामीण गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान अलौदी गांव के कुछ लोगों ने दूसरे गांव का शव वहां जलाने का विरोध शुरू कर दिया. विरोध करने वाले लोगों का कहना था कि दूसरे गांव का शव जलाने से उनके गांव में भूत-प्रेत का प्रकोप बढ़ता है. इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई. शव घर में पड़ा हुआ था. अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था.

घटना की सूचना मिलते ही सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने दोनों गांवों के ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि अंधविश्वास के आधार पर किसी मृतक के अंतिम संस्कार में बाधा उत्पन्न करना उचित नहीं है. काफी प्रयास के बाद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर विवाद समाप्त कराया गया. स्थिति सामान्य होने के बाद थाना प्रभारी ने केवल प्रशासनिक भूमिका तक खुद को सीमित नहीं रखा, उन्होंने स्वयं शव को कंधा देकर श्मशान घाट तक पहुंचाने में सहयोग किया. इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में मृतक का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया.

dispute regarding funeral resolved through police intervention in Lohardaga

शव जलाने को लेकर दो गांवों के बीच विवाद की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया गया, जिसके बाद मामला शांत हो गया. उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए. –नीरज झा, थाना प्रभारी, सेन्हा.

लोहरदगा के सेन्हा की यह घटना केवल एक विवाद सुलझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को अंधविश्वास से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश भी देती है. पुलिस की भूमिका आमतौर पर कानून-व्यवस्था तक सीमित मानी जाती है लेकिन थाना प्रभारी द्वारा शव को कांधा देना यह दर्शाता है कि संवेदनशील प्रशासनिक हस्तक्षेप कई बार सामाजिक दूरियों को भी समाप्त कर सकता है. ऐसी पहल समाज में विश्वास और सद्भाव को मजबूत करने का काम करती है.

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