रांची: मानसून को देखते हुए रांची नगर निगम ने शहर में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारी की है. निगम द्वारा किए गए सर्वेक्षण, फील्ड निरीक्षण और विश्लेषण के आधार पर शहर के 53 वार्डों में कुल 108 संभावित जलजमाव स्थलों की पहचान की गई है. इन स्थलों के लिए त्वरित कार्रवाई और दीर्घकालिक समाधान की अलग-अलग कार्ययोजना तैयार की गई है.
नगर निगम के सामने आया है कि शहर में जलजमाव के प्रमुख कारण नालियों की कमी, नालियों की अपर्याप्त क्षमता, गाद का जमाव, नालियों में कचरा और प्लास्टिक फेंका जाना, जल निकासी आउटलेट का अभाव और पाइप, पोल और अन्य अवरोधों के कारण जल प्रवाह प्रभावित होना है. निगम ने वार्ड संख्या 15, 18, 19, 22, 28, 32, 48 और 49 को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा है. इन वार्डों में जलजमाव की घटनाओं की संभावना अधिक होने के कारण विशेष निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था की गई है.
निगम 11 आधुनिक डीसिल्टिंग पंप खरीदे
वार्ड 15 और 18 में छह-छह, वार्ड 22 और 19 में चार-चार, वार्ड 28 में तीन, वार्ड 32 में चार, वार्ड 48 में तीन और वार्ड 49 में पांच से अधिक संवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है. जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने 11 आधुनिक डीसिल्टिंग पंप खरीदे हैं.
इसके साथ ही आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए 11 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया गया है. इन टीमों के लिए आवश्यक मानव संसाधन का समंवय मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के माध्यम से किया गया है. प्रत्येक टीम को सुरक्षा किट, रिफ्लेक्टिव जैकेट, दस्ताने, बूट, संचार उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों से लैस किया गया है.
क्विक रिस्पॉन्स टीमें जलजमाव की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर डीसिल्टिंग पंप से पानी की निकासी, नालियों और नालों की सफाई, जेसीबी से गाद हटाने, सुपर सकर मशीन के संचालन, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाने, जरूरत पड़ने पर अस्थायी जल निकासी मार्ग बनाने तथा सड़कों पर गिरे पेड़ और टहनियों को हटाने का कार्य करेगी. साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में यातायात को सामान्य करने की भी जिम्मेदारी निभाएगी.
क्यूआरटी को वितरित किए सुरक्षा किट
इस अवसर पर रांची मेयर रोशनी खलखो और डिप्टी मेयर ने क्विक रिस्पॉन्स टीमों को सुरक्षा किट और आवश्यक उपकरण वितरित किए. मेयर ने कहा कि रांची नगर निगम इस वर्ष जल जमाव की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. जलजमाव की सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र की टीम मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करेगी और नागरिकों को राहत पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सड़कों पर गिरे पेड़, टहनियां और अन्य अवरोध हटाकर यातायात को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे नालियों में कचरा या प्लास्टिक न फेंकें तथा जलजमाव, पेड़ गिरने या अन्य आपात स्थिति की सूचना तत्काल निगम के टोल फ्री नंबर 1800-570-1235 या व्हाट्सएप नंबर 9431104429 पर दें. सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र की क्विक रिस्पॉन्स टीम को मौके पर भेजा जाएगा. कार्यक्रम में पार्षदों के साथ अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, उप नगर आयुक्त गौतम प्रसाद साहू समेत निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.


