Sunday, June 14, 2026

रांची में 15 जून को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा.

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रांची: राजधानी रांची में 15 जून को व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) मनाया जाएगा. इस दिन रांची जिले के बच्चों को कृमिनाशक दवाएं खिलाई जाएंगी. साथ ही कैसे कृमि की वजह से बच्चों/किशोरों का सेहत खराब होता जाता है, इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा. वहीं, 18 जून को छूटे हुए बच्चों को दवा खिलाने के लिए मॉप-अप दिवस के रूप में मनाया जाएगा.

चार लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

इस अभियान के तहत रांची जिले में 4,84,435 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं शिक्षकों की देखरेख में 01 वर्ष से 19 वर्ष तक आयु वर्ग के लोगों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी.

रांची के सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर, शारीरिक एवं मानसिक विकास पर बुरा असर डाल सकता है. जिसे रोकने के लिए एल्बेंडाजोल दवा काफी असरदार है. यह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और विकास में सहायक होती है. स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में सभी लाभार्थियों को एल्बेंडाजोल की गोली पानी के साथ खिलाया जाना है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर रूप से बीमार बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं को यह दवा नहीं खिलाई जानी है. डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी बच्चों और किशोर को पेट के कीड़ों से मुक्त करना है, ताकि उनके पोषण, शिक्षा ग्रहण करने की क्षमता और समग्र विकास में सुधार हो सके.

सिविल सर्जन ने अभिभावकों से की खास अपील

राष्ट्रीय कृमि दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने अभिभावकों से अपील की है. उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर निर्धारित केंद्रों पर भेजकर एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य खिलवाएं. हर छह महीने में बच्चों को यह दवा दी जानी चाहिए, ताकि उनका संपूर्ण विकास हो सके. उन्होंने कहा कि ‘स्वस्थ बचपन, कृमि मुक्त भविष्य’ के संकल्प के साथ रांची जिला इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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