देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार पिछले कुछ समय से इसमें इथेनॉल मिला रही है. इससे पेट्रोल के दाम कम रखने में मदद मिली है. अब इसी तर्ज पर भारत सरकार देश की जनता को सस्ता डीजल देने की भी तैयारी कर रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान इस बड़े प्लान की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि अब पेट्रोल की तरह ही देश में सस्ता डीजल भी बनाया जाएगा, जिसमें ‘आइसोब्यूटेनॉल’ का इस्तेमाल किया जाएगा.
क्या है आइसोब्यूटेनॉल?
आइसोब्यूटेनॉल एक खास तरह का जैविक रसायन है. इसे पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है. इसका निर्माण मुख्य रूप से मक्का, गन्ना, फसल अवशेषों और अन्य कृषि कचरे (बायोमास) से किया जाता है. चूंकि डीजल इंजनों में सीधे इथेनॉल नहीं मिलाया जा सकता, इसलिए वैज्ञानिक इथेनॉल को ही प्रोसेस करके आइसोब्यूटेनॉल तैयार करते हैं, जिसे डीजल में आसानी से मिलाया जा सकता है. सरकार की योजना डीजल में 15 प्रतिशत तक आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की है.
आइसोब्यूटेनॉल वाले डीजल के बड़े फायदे
- सस्ता ईंधन: डीजल में 15% आइसोब्यूटेनॉल मिलाने से इसकी उत्पादन लागत कम होगी, जिससे आने वाले समय में जनता को सस्ता डीजल मिल सकेगा.
- प्रदूषण से राहत: पारंपरिक डीजल के मुकाबले यह बायोफ्यूल बहुत कम धुआं छोड़ता है. इससे हवा साफ होगी और कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी.
- कम होगा विदेशी कर्ज: भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. देश में ही डीजल का विकल्प तैयार होने से तेल का आयात कम होगा और देश का पैसा बचेगा.
- किसानों की बढ़ेगी कमाई: इसका कच्चा माल किसानों के खेतों से (फसल अवशेष और पराली) आएगा. इससे किसानों को अपने कचरे के भी अच्छे दाम मिलेंगे और उनकी आय बढ़ेगी.
इंजन को लेकर क्या हैं चुनौतियां?
सरकार इस तकनीक पर तेजी से काम कर रही है और इसके शुरुआती टेस्ट भी सफल रहे हैं. हालांकि, इसे पूरी तरह बाजार में उतारने से पहले कुछ तकनीकी चुनौतियों को दूर करना होगा. विशेषज्ञों के अनुसार, डीजल इंजनों को इस नए ईंधन के हिसाब से ढालना होगा ताकि गाड़ी के पुर्जों में जंग न लगे और माइलेज पर बुरा असर न पड़े.
फिलहाल, लोग इथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर भी थोड़े संशय में रहते हैं. ऐसे में सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियां मिलकर इस नए डीजल का कड़ा परीक्षण कर रही हैं, ताकि जब यह आम जनता के लिए पेट्रोल पंपों पर आए, तो गाड़ियों को कोई नुकसान न हो. सरकार जल्द ही इसके लिए नए नियम जारी कर सकती है.


