दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रैक मरम्मत कार्य के कारण 14 जून तक छह मेमू ट्रेनों का परिचालन विभिन्न तिथियों में रद्द रहेगा. महालीमोरूप और सीनी स्टेशनों के बीच स्लीपर बदलने का काम चल रहा है, जिससे डेली पैसेंजरों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रैक मरम्मत कार्य के कारण 14 जून तक कई मेमू ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे प्रशासन महालीमोरूप और सीनी स्टेशनों के बीच ट्रैक रिन्यूअल मशीन (टीआरटी) के माध्यम से स्लीपर बदलने का काम कर रहा है. इस वजह से छह मेमू ट्रेनों को विभिन्न तिथियों में रद्द करने का फैसला लिया गया है.
12 से 14 जून तक चलेगा स्लीपर बदलने का कार्य
रेल प्रशासन के अनुसार महालीमोरूप और सीनी स्टेशनों के बीच डाउन रेललाइन पर 12 से 14 जून तक ट्रैक के स्लीपर बदले जाएंगे. इसके लिए शुक्रवार और रविवार को 3 घंटे 45 मिनट का टीआरटी ब्लॉक लिया गया है. यह ब्लॉक सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान संबंधित रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैक की मजबूती के लिए यह कार्य आवश्यक है. आखिर पटरियां भी इंसानों की तरह समय-समय पर मरम्मत मांगती हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि वे शिकायत दर्ज नहीं करातीं.
छह मेमू ट्रेनों का परिचालन रहेगा बंद
ट्रैक मरम्मत कार्य के कारण रेलवे ने छह मेमू ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द करने की घोषणा की है.
- 13 जून तक चाकुलिया-टाटानगर मेमू ट्रेन रद्द रहेगी.
- 13 जून तक टाटानगर-बड़बिल मेमू ट्रेन का परिचालन नहीं होगा.
- 12 और 14 जून को बड़बिल-टाटानगर मेमू ट्रेन रद्द रहेगी.
- 12 और 14 जून को टाटानगर-चाकुलिया मेमू ट्रेन का संचालन बंद रहेगा.
- 12 जून को राउरकेला-टाटानगर मेमू ट्रेन रद्द की गई है.
- 12 जून को टाटानगर-राउरकेला मेमू ट्रेन भी नहीं चलेगी.
डेली पैसेंजरों को होगी परेशानी
इन ट्रेनों के रद्द होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और छोटे व्यवसायी इन मेमू ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि उन्हें अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े. फिलहाल ट्रैक मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है


