Wednesday, June 10, 2026

दिल्ली के एक थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर में लगी आग के बाद इमरजेंसी शटडाउन से Google Cloud की भारत में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं.

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 भारत में मंगलवार देर रात एक बड़ी टेक्निकल प्रॉब्लम सामने आ गई. दिल्ली में स्थित एक थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर में आग लग जाने की वजह से गूगल क्लाउड की सेवाएं कई बड़े शहरों में बाधित हो गईं. आग के बाद नेटवर्किंग उपकरणों को इमरजेंसी पावर शटडाउन करना पड़ा, जिससे दिल्ली का एक लोकल पॉइंट ऑफ प्रेजेंस यानी POP पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया.

इसका असर दिल्ली के साथ-साथ मुंबई, चेन्नई और इन शहरों के आसपास के इलाकों में नेटवर्क क्षमता काफी कम हो गई. गूगल क्लाउड की सर्विस हेल्थ डैशबोर्ड पर इस बारे में आधिकारिक जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि इन क्षेत्रों से आने वाला नेटवर्क ट्रैफिक रुक-रुककर हाई लेटेंसी और पैकेट लॉस की समस्या से परेशान हो रहा है.

इस घटना का असर बहुत व्यापक रहा. जब किसी बड़े क्लाउड प्रोवाइडर का नेटवर्क डगमगाता है तो उसकी लहर सैकड़ों कारोबारों, वेबसाइटों, ऐप्स और कंपनियों के इंटरनल सिस्टम तक पहुंचता है. गूगल क्लाउड दुनिया के सबसे बड़े क्लाउड प्लेटफॉर्म्स में से एक है और अमेज़न वेब सर्विसेज़ (Amazon Web Services) तथा Microsoft Azure के साथ इस सेक्टर में डायरेक्ट कंप्टीशन है. यह प्लेटफॉर्म बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स चलाने के लिए इस्तेमाल होता है, इसलिए इसमें कोई भी रुकावट असर सीधे कारोबार पर पड़ता है.

गूगल ने क्या कहा?

गूगल क्लाउड की इतनी बड़ी समस्या आने के बाद गूगल ने प्रभावित दिल्ली फैसिलिटी से ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर भेजने की कोशिश की. हालांकि, इसमें एक नई दिक्कत सामने आ गई, क्योंकि डिमांड की तुलना में बाकी नेटवर्क की क्षमता कम पड़ गई. इससे भारत के बड़े शहरों और क्षेत्रीय इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स यानी ISPs पर रुक-रुककर लेटेंसी स्पाइक्स आने लगे.

कंपनी ने इसके बारे में स्पष्ट किया कि जब तक इस समस्या को पूरी तरह से खत्म करते दोबारा से फैसिलिटी को पूरी तरह बहाल नहीं कर दिया जाता, तब तक यूज़र्स को थोड़ी ज्यादा लेटेंसी और इंटरनेट कनेक्टिविटी में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

गूगल ने यह भी बताया कि वह एक्सट्रा ट्रैफिक मिटिगेशन प्लान्स और इंटरनेट एज पीयरिंग बढ़ाने की संभावनाओं पर काम कर रहा है ताकि ग्राहकों पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके. हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया है कि दिल्ली में स्थित एक थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर में आग कब लगी और उससे क्या और कितना नुकसान हुआ या कोई इंसान घायल हुआ या नहीं.

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