Monday, June 8, 2026

Google ने Chrome 149 अपडेट में 429 सिक्योरिटी खामियां ठीक की हैं, जिनमें से 22 को बेहद खतरनाक Critical श्रेणी में रखा गया था.

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 गूगल ने अपने क्रोम ब्राउज़र का नया वर्ज़न 149 रिलीज़ कर दिया है. Windows और macOS के लिए यह अपडेट वर्जन 149.0.7827.53/54 के रूप में आया है, जबकि Linux यूज़र्स के लिए 149.0.7827.53 उपलब्ध है. इस अपडेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 400 से भी ज़्यादा सिक्योरिटी कमज़ोरियों को दूर किया गया है. गूगल का कहना है कि अभी तक इनमें किसी भी खामी का फायदा हैकर्स या साइबर अपराधियों ने नहीं उठाया है, लेकिन फिर भी यूज़र्स को जल्द से जल्द यह अपडेट इंस्टॉल कर लेना चाहिए.

एंड्रॉयड के लिए Chrome 149.0.7827.59 भी इसी हफ्ते जारी किया गया है, और iOS के लिए पिछले हफ्ते ही 149.0.7827.45 रिलीज़ हो चुका था. क्रोम आमतौर पर खुद-ब-खुद अपडेट हो जाता है, लेकिन अगर आप मैनुअली चेक करना चाहते हैं तो सेटिंग्स में जाकर About Google Chrome पर क्लिक करके देख सकते हैं.

429 बग्स फिक्स, 22 खामियां थीं बेहद खतरनाक

क्रोम रिलीज़ ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, इस अपडेट में कुल 429 सिक्योरिटी खामियां ठीक की गई है, जो अब तक के किसी भी क्रोम अपडेट में सबसे ज्यादा हैं. इनमें से 371 खामियां गूगल ने खुद अपनी टीम और एआई टूल्स जैसे गूगल बिल स्लिप की मदद से खोजी है. बाकी की खामियां बाहरी सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने रिपोर्ट कीं, जिनके लिए गूगल ने अभी तक कुल 2,09,000 डॉलर का बाउंटी दिया है.

इन 429 खामियों में से 22 को क्रिटिकल यानी बेहद गंभीर की कैटेगिरी में रखा गया है. ये CVE-2026-10881 से लेकर CVE-2026-10902 तक हैं. इनमें से ज्यादातर यूज़-ऑफ्टर-फ्री यानी UAF खामियां हैं जो WebGL लाइब्रेरी एंगल जैसे कंपोनेंट्स से मिली हैं. इसके अलावा 87 खामिलां हाई रिस्क, 226 मिडियम रिस्क और 94 लो रिस्क कैटेगरी में हैं. कुल मिलाकर, यूज़-ऑफ्टर-फ्री वाली खामियां सबसे ज्यादा 110 हैं, उसके बाद इनपुट वैलिडेशन की 88 और Inappropriate Implementation की 60 खामियां हैं.

PDF एडिटर बना Chrome

सिक्योरिटी फिक्स के अलावा क्रोम 149 में PDF व्यूअर को और बेहतर बनाया गया है. अब यूज़र्स सिर्फ पीडीएफ फाइल भरने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वो पीडीएफ को एनोटेट (Annotate) और साइन भी कर सकते हैं. यह फीचर Firefox में पहले से मौजूद था, लेकिन अब क्रोम ने भी इसे अपना लिया है. गूगल की कोशिश साफ नज़र आ रही है वो क्रोम के बिल्ट-इन पीडीएफ व्यूअर को एक छोटे पीडीएफ एडिटर में बदलना चाहता है.

इसके अलावा कुछ और फीचर्स जैसे टैब्स को वर्टिकली यानी ऊपर-नीचे एरेंज करने का ऑप्शन और रीडिंग मोड का फुल विंडो एक्सपीरियंस अभी तक सभी यूज़र्स के लिए उपलब्ध नहीं है. क्रोम 150 का इंतज़ार करने वालों के लिए एक अच्छी ख़बर यह है कि उसके जून के आखिर में आने की उम्मीद है.

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