किडनी शरीर से वेस्ट प्रोडक्ट्स को निकालने और खून में सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे जरूरी मिनरल्स को रेगुलेट करने में अहम भूमिका निभाती हैं. जब यूरिन में इन मिनरल्स और सॉल्ट्स को घुलने के लिए पर्याप्त फ्लूइड नहीं होता है, तो वे क्रिस्टलाइज होकर किडनी स्टोन्स बनाते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये स्टोन यूरिनरी ट्रैक्ट में कहीं भी हार्ड डिपॉजिट बन सकते हैं, जिससे तेज दर्द होता है और यूरिन के फ्लो में रुकावट आती है. इन स्टोन्स से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, उनके दोबारा होने के कारण और असरदार बचाव के तरीकों के बारे में डिटेल में जानने के लिए यह खबर पढ़ें…
किडनी स्टोन के मुख्य प्रकार
किडनी स्टोन मुख्य रूप से चार तरह के होते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर तरह के स्टोन के पीछे खास कारण होते हैं…
- कैल्शियम स्टोन:यह सबसे आम टाइप है. ये कैल्शियम ऑक्सालेट के रूप में होते हैं.
- स्ट्रुवाइट स्टोन:ये अक्सर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन से जुड़े होते हैं. ये काफी बड़े हो सकते हैं और अक्सर बहुत कम लक्षण दिखाते हैं.
- यूरिक एसिड स्टोन:ये स्टोन उन लोगों में बनते हैं जो लंबे समय तक डायरिया, ज्यादा प्रोटीन वाली डाइट या न्यूट्रिएंट्स के ठीक से एब्जॉर्प्शन न होने की वजह से तेजी से फ्लूइड खो देते हैं.
- सिस्टीन स्टोन:ये उन लोगों में होते हैं जिन्हें ‘सिस्टिन्यूरिया’ नाम की जेनेटिक कंडीशन होती है. इस कंडीशन में, किडनी एक खास अमीनो एसिड की बहुत ज्यादा मात्रा निकाल देती है.
किडनी स्टोन होने पर शरीर में दिखाई देने वाले लक्षण
मेडलाइनप्लस के अनुसार, इसके लक्षण इस प्रकार हैं….
- पीठ या पसलियों में गंभीर, लगातार दर्द
- पेशाब में खून आना
- बुखार, ठंड लगना
- उल्टी करना
- दुर्गंधयुक्त या धुंधला दिखने वाला मूत्र
- पेशाब करते समय जलन महसूस होना
किडनी स्टोन के बार-बार होने के कारण
एक्सपर्ट्स का कहना है कि किडनी स्टोन बनने और उनके बार-बार होने के कई कारण होते हैं. लाइफस्टाइल और खाने की आदतें इसमें अहम भूमिका निभाती हैं. खास तौर पर, पर्याप्त पानी न पीना, बहुत ज्यादा प्रोटीन, नमक या चीनी खाना और कैल्शियम, पोटैशियम या मैग्नीशियम का कम सेवन इसके मुख्य कारण हैं. इसके अलावा, कुछ तरह की दवाएं और सप्लीमेंट भी इस खतरे को बढ़ा सकते हैं. इनमें कैल्शियम-बेस्ड एंटासिड, कुछ तरह के माइग्रेन और डिप्रेशन की दवाएं शामिल हैं. इसके अलावा, पाचन तंत्र या यूरिनरी ट्रैक्ट को प्रभावित करने वाली अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याएं भी बार-बार किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ाती हैं. अमेरिकन जर्नल ऑफ किडनी डिजीज के अनुसार, बार-बार किडनी स्टोन होने के रिस्क फ़ैक्टर में पहले कई बार स्टोन होना, कम उम्र में स्टोन होना, पुरुष होना, किडनी स्टोन की फैमिली हिस्ट्री होना और हाई बॉडी मास इंडेक्स (BMI) होना शामिल है.
क्या सावधानियां बरतनी चाहिए
- खूब पानी पिएं: एक्सपर्ट्स यूरिन को पतला करने और मिनरल क्रिस्टल बनने के खतरे को कम करने के लिए दिन भर खूब पानी पीने की सलाह देते हैं
- कैल्शियम वाली खाने की चीजे: एक्सपर्ट्स का कहना है कि कैल्शियम वाली खाने की चीजें, जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स, खाने से पथरी बनने से रोकने में मदद मिल सकती है.
- नमक कम खाएं: एक्सपर्ट्स पथरी बनने के खतरे को कम करने के लिए कम नमक खाने की सलाह देते हैं.
- ऑक्सालेट वाली खाने की चीजें कम खाएं: नेशनल किडनी फाउंडेशन का कहना है कि पालक, स्विस चार्ड, नेवी बीन्स, चुकंदर और बादाम जैसी कुछ ज्यादा ऑक्सालेट वाली खाने की चीजें कम मात्रा में खानी चाहिए.
- अंदरूनी हेल्थ प्रॉब्लम: डाइजेशन या यूरिनरी सिस्टम से जुड़ी प्रॉब्लम से किडनी में पथरी हो सकती है. इसलिए, एक्सपर्ट्स किसी भी गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम के लिए चेकअप करवाने की सलाह देते हैं.


