Tuesday, June 2, 2026

भभुआ जिले में किसानों को भारत सरकार की एसएमएएम योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर से किराए पर कृषि यंत्र मिल रहे हैं।

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भभुआ। जिले के किसानों को बेहतर खेती करने व अवशेष प्रबंधन करने को लेकर भारत सरकार की एसएमएएम योजना के तहत फलेक्सी फंड के अंतर्गत प्रोजेक्ट कास्ट पर स्पेशल कस्टम हायरिंग की स्थापना के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न प्रखंडों की पंचायतों में 37 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की गई है। कस्टम हायरिंग सेंटर से छोटे किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार किराया पर कृषि यंत्र की सुविधा दी जा रही है।

इस संबंध में उप निदेशक कृषि अभियंत्रण अकरम अंसारी ने बताया कि जिले में 37 कस्टम हायरिंग सेंटर का संचालन हो रहा है। इन कस्टम हायरिंग सेंटर में फसल अवशेष प्रबंधन के 19 एवं आधुनिक तरीके से खेती करने के लिए 18 प्रकार के कृषि यंत्र प्रगतिशील किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर में विभाग के द्वारा निर्धारित अनुदान दिया गया है। कस्टम हायरिंग सेंटर से वैसे किसान कृषि यंत्रों का लाभ पा सकेंगे जिनके पास आधुनिक कृषि यंत्र की सुविधा नहीं है।

उप निदेशक कृषि अभियंत्रण ने बताया कि किराया पर कृषि यंत्र लेने वाले किसानों को 16 सौ प्रति बीघा की दर से भुगतान करना होगा। कस्टम हायरिंग सेंटर में ट्रैक्टर, स्ट्राबेलर, रीपर, सुपर सीडर, स्ट्रारीपर, रोटा कल्टीवेटर, सहित अवशेष प्रबंधन के उपयोग में आने वाले यंत्रों को भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

बता दें कि राज्य व केंद्र सरकार किसानों को अधिक उत्पादन लेने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए संचालित कल्याणकारी विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान कर रही है।

योजनाओं का लाभ प्राप्त करने वाले किसान अब परंपरागत खेती के साथ बागवानी, सब्जी, फल, फूल की खेती कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे हैं।

कृषि के माध्यम से जिले के किसानों को विभिन्न फसलों के उत्पादन लेने की जानकारी को लेकर जिला व जिला के बाहर भेजकर प्रशिक्षण भी दिलवाया जाता है। साथ ही राज्य के बाहर भेज कर अन्य राज्य का भ्रमण भी कराया जा रहा है।

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