देश भर में 8वें वेतन आयोग के गठन, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते (DA) के विलय को लेकर चल रही तीव्र चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ने 5वें केंद्रीय वेतन आयोग (5th CPC) के दायरे में आने वाले पुराने पेंशनभोगियों और सीपीएफ (CPF) लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई राहत (DR) की दरों में बंपर बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoP&PW) द्वारा जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (OM) के अनुसार, कुछ विशिष्ट श्रेणियों के लिए महंगाई राहत की दर रिकॉर्ड 483 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है.
किसे मिलेगा इस ऐतिहासिक वृद्धि का लाभ?
सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह लाभ मुख्य रूप से उन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा जो वर्तमान में भी 5वें वेतन आयोग के वेतनमान या एक्स-ग्रेशिया (Ex-Gratia) ढांचे के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं. इनमें विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:

- 18 नवंबर 1960 से 31 दिसंबर 1985 के बीच सेवानिवृत्त हुए जीवित CPF लाभार्थी.
- एक्स-ग्रेशिया भुगतान प्राप्त करने वाले पेंशनभोगी (ग्रुप ए, बी, सी और डी).
- मृत सीपीएफ कर्मचारियों की पात्र विधवाएं और आश्रित परिवार.
महंगाई राहत (DR) की नई दरें इस प्रकार हैं: संशोधित आदेश के तहत नई दरें दो चरणों (1 जुलाई 2025 और 1 जनवरी 2026) से प्रभावी की गई हैं:
विशिष्ट एक्स-ग्रेशिया श्रेणियां
- 1 जुलाई 2025 से: 474%
- 1 जनवरी 2026 से: 483%
अन्य सीपीएफ लाभार्थी और आश्रित श्रेणियां:
- 1 जुलाई 2025 से: 466%
- 1 जनवरी 2026 से: 475%
जानिए 483% DR के पीछे का वास्तविक गणित
पहली नजर में 483% का यह आंकड़ा बहुत विशाल प्रतीत होता है, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार इसे 7वें वेतन आयोग के वर्तमान डीए (DA) ढांचे से सीधे जोड़कर नहीं देखा जा सकता. दरअसल, 5वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाली बेसिक एक्स-ग्रेशिया राशि बहुत छोटी (जैसे ग्रुप डी के लिए ₹650 और ग्रुप ए के लिए ₹3000) है. मूल आधार छोटा होने के कारण इसका प्रतिशत इतना अधिक दिखाई दे रहा है. हालांकि, लंबे समय से पुराने ढांचे पर टिके बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए यह मासिक आय बढ़ाने वाला एक अत्यंत सराहनीय और राहत भरा कदम है.
एरियर के साथ होगा भुगतान, 8th CPC पर टिकी नजरें
पेंशनभोगियों को बढ़ा हुआ लाभ पिछली प्रभावी तिथियों से एकमुश्त एरियर (Arrears) के रूप में बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा. जानकारों का मानना है कि सरकार का यह कदम दर्शाता है कि वह आगामी 8वें वेतन आयोग के क्रियान्वयन से पहले पुराने वित्तीय विसंगतियों को दूर करने के प्रति गंभीर है.


